श्रीलंका की घरेलू से लेकर समुद्री पॉलिटिक्स में घुस गए हैं ‘बाहरी’, इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में उभरा लंकाई दर्द

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में श्रीलंकाई सांसद नमल राजपक्षे ने हिंद महासागर में शांति बनाए रखने की जोरदार वकालत की है, और भारत को भी एक्टिव रोल अपनाने की सलाह दी है. नमल राजपक्षे ने तमिलनाडु के थलपति विजय को अपना पसंदीदा अभिनेता बताया है, लेकिन आशंका जताई है कि कहीं उनके बयान पर विवाद न हो.

Advertisement
श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में. (Photo: ITG) श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में. (Photo: ITG)

मृगांक शेखर

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

श्रीलंका के निर्वासित राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के सबसे बड़े बेटे और सांसद नमल राजपक्षे ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शिरकत की. जिसमें उन्होंने श्रीलंका की घरेलू राजनीति से लेकर हाल में उभर समुद्री उथल पुथल, ईरान के जहाज IRIS Dena को डुबाए जाने से लेकर भारत के जियो पॉलिटिक्स में रोल के बारे में खुलकर बात की.

वे तमिलनाडु चुनाव के अलावा एक्टर विजय के बारे में भी अपनी पसंद-नापसंद बता गए.

Advertisement

डोनाल्ड ट्रंप के बारे में

जब सेशन के होस्ट सीनियर पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने रायटर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नमल राजपक्षे से पूछा, एक यूएस केबल में श्रीलंका से कहा गया है ईरानी शिप के सर्वाइवर्स को वह वापस न भेजे... तो क्या श्रीलंका को अमेरिका को साफ कर देना चाहिए कि ईरानी युद्धपोत के क्रू मेंबर जो श्रीलंका की कस्टडी में हैं, उनको मानवीय आधार पर हमें उनके देश भेजना ही चाहिए? 

नमल राजपक्षे का कहना है, हां, श्रीलंका को सुनिश्चित करना चाहिए कि हम अपने स्टैंड पर कायम रहेंगे... और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे लोग सुरक्षित रहें, क्योंकि ये सब हमारे जल क्षेत्र में हुआ है. श्रीलंका को बताना चाहिए कि वे लोग सेफ हैं... और तरीका तो यही है कि जब तक युद्ध खत्म न हो जाए, तब तक उन लोगों को भेजा भी नहीं जाना चाहिए. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: नए वर्ल्ड ऑर्डर में क्या होगी भारत की भूमिका? इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में एक्सपर्ट ने बताया

कॉन्क्लेव में नमल राजपक्षे से पूछा गया - अगर डोनाल्ड ट्रंप इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में होते तो आप क्या उनसे क्या कहते?

तो उनका जवाब था, सौभाग्य से वो इस वक्त यहां नहीं हैं. 

फिर बोले, वे ताकतवर हो सकते हैं, उनके पास आर्थिक शक्ति भी है... उनको समझना चाहिए कि वे जो भी फैसले लेते हैं, उनका हमारे जैसे छोटे देशों पर भी असर पड़ता है... इसलिए उनको अपने लोगों से पहले मैंडेट लेना चाहिए, जैसा कि वे दावा करते हैं... और उन्हें ये भी मालूम होना चाहिए कि दुनिया की व्यवस्था अपनी जगह कायम है. 

नमल राजपक्षे का कहना है, हम लोग हमेशा गुट निरपेक्षता के सिद्धांत पर चले हैं. सुपर पावर के फैसले हमारे जैसे आइलैंड देशों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करते हैं. बल्कि हमारे साथ साथ पूरी दुनिया पर दबदबा जमाने की कोशिश करते हैं. 

यह भी पढ़ें: एक साथ प्रगति और व्यवधान... आधुनिक समय के विरोधाभास पर इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोले अरुण पुरी

नमल राजपक्षे ने जोर देकर बताया कि लंबे समय से ईरान और श्रीलंका की सच्ची दोस्ती रही है. ईरान और श्रीलंका के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. 

श्रीलंका की सत्ता की राजनीति में 2022 की उथलपुथल के बारे में नमल राजपक्षे का कहना है, हमें पक्का यकीन है कि श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन या सरकार बदलने के लिए बाहर से एक परोक्ष हस्तक्षेप हो रहा था... ये सब अलोकतांत्रिक तरीके से किया गया प्रयास था, जैसा कि हमने बांग्लादेश में देखा है, नेपाल में देखा है... और पूरे क्षेत्र में ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं.

Advertisement

IRIS Dena को डुबाए जाने के बारे में

अमेरिका के ईरानी युद्धपोत Iris Dena को डुबोए जाने की घटना पर श्रीलंकाई सांसद नमल राजपक्षे ने सख्त लहजे मे रिएक्ट किया था, और India Today Conclave 2026 में भी वो अपने स्टैंड पर कायम दिखे. घटना के तत्काल बाद नमल राजपक्षे ने कहा था, 'यह श्रीलंका के लिए गंभीर चिंता का विषय है और हिंद महासागर के लिए भी, और मुझे यकीन है कि भारत के लिए भी चिंता की बात है.'

नमल राज पक्षे ने कहा कि हिंद महासागर की अपनी पहचान है, और ये शांत इलाका रहा है. युद्धपोत को डुबोए जाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए नमल राजपक्षे कहते हैं, यह सही है या गलत, बहस का विषय हो सकता है... एकेडेमिक्स और बाकी लोग नैतिकता और उसे सही ठहराने के लिए अपनी दलील दे सकते हैं, लेकिन मुद्दे की बात तो यही है कि इलाके की शांति भंग हुई है... और यह सभी क्षेत्रीय मुल्कों के लिए बड़ा सवाल है. 

श्रीलंका के सांसद का कहना है, विद्वानों के लिए यह बहस का विषय हो सकता है कि क्या यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन थी? 

नमल राजपक्षे सवाल उठाते हैं, दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार के जिन सिद्धांतों को बढ़ावा दिया जाता है, क्या वे मौजूदा संघर्षों में बराबरी का ध्यान रखते हुए लागू किए जा रहे हैं?

Advertisement

भारत के रोल के बारे में

मौजूदा हालात में भारत की भूमिका को लेकर नमल राजपक्षे कहते हैं, तथाकथित सुपरपावर को भी मालूम होना चाहिए जो भी फैसले वे लेते हैं, उसका पूरी ग्लोबल इकॉनमी पर व्यापक असर होता है... और श्रीलंका हमेशा ही ऐसी सूरत में भारत की ओर देखता है... और ऐसे हालात से मुकाबले के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संवाद होना बहुत जरूरी है. 

और हां, मैं निजी तौर पर यकीन करता हूं भारत को प्रमुख भूमिका निभानी होगी. क्षेत्रीय महाशक्ति के तौर पर, ऐसे देश के तौर पर जो सक्षम भी है.

तमिलनाडु चुनाव और एक्टर विजय के बारे में

तमिलनाडु चुनाव और नए प्लेयर के रूप में मैदान में उतर रहे थलपति विजय को नमल राजपक्षे ने अपना पसंदीदा अभिनेता बताया. और कहा, मेरे ऐसा बोलने से शायद चुनावों में उनको नुकसान भी हो सकता है. फिर हंसते हुए बोले, लेकिन मुझे लगता है कि यह कहना ठीक है कि विजय मेरे पसंदीदा एक्टर हैं... वे दुनिया के दक्षिणी हिस्से में, और इस हिस्से में भी वे मेरे फेवरेट एक्टर हैं.

लगे हाथ नमल राजपक्षे ने एक्टर विजय को अपनी सलाह भी दी, वे एक अच्छे अभिनेता हैं, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि राजनीति, एक्टिंग से बिल्कुल अलग होती है... राजनीति में उन्हें अभिनय की तरह लिखी हुई स्क्रिप्ट नहीं मिलेगी, बल्कि रियल टाइम स्क्रिप्ट को फेस करना होगा.

Advertisement

और, आखिर में नमल राजपक्षे ने उम्मीद जाहिर की, मुझे उम्मीद है कि मेरा जवाब विवादित नहीं होगा, जैसे कि यह कहना कि विजय मेरे पसंदीदा अभिनेता हैं.

जब नमल राजपक्षे को बताया गया, आपका यह कहना कि विजय आपके पसंदीदा अभिनेता हैं, तमिलनाडु में बहुत लोगों को पसंद आएगा, लेकिन इससे आपको अपने देश में परेशानी हो सकती है, तो बोले, हमारे यहां कोई परेशानी नहीं होगी.

यह भी पढ़ें: यूरोप की इकॉनमी पर भी असर डाल रहा ईरान युद्ध...', राजदूत ने बताया क्या है जर्मनी का रुख

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement