अपनों पर ही बरसीं उमा भारती, बोलीं- जनता गंदा पानी पीती रही, आप पद पर बैठकर बिसलेरी क्यों पीते रहे?

Uma Bharti slams MP Govt: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्य प्रदेश BJP के भीतर के अंतर्विरोधों को सतह पर ला दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपनी ही सरकार और जनप्रतिनिधियों को 'महापाप' का भागीदार ठहराया है.

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उमा भरती ने MP सरकार को घेरा.(Photo: File) उमा भरती ने MP सरकार को घेरा.(Photo: File)

aajtak.in

  • भोपाल/इंदौर,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

MP News: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. BJP की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपनी ही सरकार और प्रशासन को सीधे 'महापाप' का भागीदार बताते हुए कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनकी 'परीक्षा की घड़ी' है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सियासी घमासान एक बंद कमरे की मीटिंग से शुरू हुआ. पुष्यमित्र भार्गव ने नगरीय विकास के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे से दो टूक कहा, ''अधिकारी सुनते नहीं हैं, मैं ऐसे सिस्टम में काम नहीं कर सकता." इंदौर के ही एक अन्य वरिष्ठ विधायक महेंद्र हार्डिया ने भी अफसरों की 'नाफरमानी' पर गंभीर सवाल उठाए.

उमा भारती ने इसी 'बेबसी' को आधार बनाकर तीखा हमला बोला. उन्होंने पूछा कि अगर अधिकारी नहीं सुन रहे थे, तो पद पर बैठकर बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? जनता के हक के लिए पद क्यों नहीं छोड़ा?

BJP की सीनियर लीडर ने कहा कि साल 2025 का अंत इंदौर के लिए शर्मनाक रहा. देश के सबसे स्वच्छ शहर में 'जहर' मिला पानी मिलना पूरी व्यवस्था को कलंकित कर गया है. सरकार की ओर से घोषित 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद पर उन्होंने कहा कि जिंदगी की कीमत 2 लाख नहीं होती."

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उमा ने कहा कि इस 'महापाप' का कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता. अब या तो दोषियों को अधिकतम दंड मिले या फिर सरकार घोर प्रायश्चित करे.

'मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी'

उमा भारती ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि यह घटना उनकी कार्यशैली और न्याय की कसौटी है. उन्होंने मांग की है कि पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए. नीचे से लेकर ऊपर तक, जो भी अधिकारी या नेता इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार है, उसे कठोरतम दंड दिया जाए.

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