'ऑपरेशन हुआ है, कुछ दिन दर्द तो होगा', पेट में छोड़ा नैपकिन, 14 दिन तक तड़पती रही प्रसूता; शिकायत करने पर डॉक्टरों ने झाड़ा पल्ला

MP के खरगोन जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की गंभीर लापरवाही सामने आई है. प्रसूता के ऑपरेशन के दौरान पेट में नेपकिन छोड़ दिया. अत्यधिक पेट दर्द होने पर दो बार आई महिला को बगैर चेक किए लौटा दिया. प्राइवेट अस्पताल में चेक करने के दौरान गंभीर लापरवाही उजागर हुई. सूचना मिलने पर डीएम बोली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे.

Advertisement
अब आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही मनीषा.(Photo:ITG) अब आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही मनीषा.(Photo:ITG)

उमेश रेवलिया

  • खरगोन,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

MP के खरगोन जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में गंभीर लापरवाही सामने आई. एक महिला के सीजर ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने प्रसूता के पेट में सर्जिकल नैपकिन छोड़ दिया और टांके लगा दिए. 14 दिन बाद इंदौर के निजी अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन के दौरान ये गंभीर चूक सामने आई. महिला फिलहाल आईसीयू में भर्ती है. कलेक्टर ने जांच दल गठित कर जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. 

Advertisement

मामला यह है कि भीकनगांव गांव थाना इलाके के सेल्दा निवासी महिला मनीषा पति विनोद घोरमाड़े को प्रसव पीड़ा होने पर 16 मार्च को भीकनगांव अस्पताल लाया गया था. यहां गंभीर हालत होने पर जिला अस्पताल खरगोन रेफर किया गया. 

17 मार्च को डॉक्टर मोहित गुप्ता की टीम ने सीजर ऑपरेशन किया और महिला ने बच्चों को जन्म दिया ऑपरेशन के दौरान रक्त प्रस्ताव को रोकने के लिए इस्तेमाल किया गया.

सर्जिकल नेपकिन डॉक्टर महिला के पेट के अंदर ही भूल गए और ऊपर से टांके लगा दिए. 21 मार्च को महिला के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. 

परिवार के अनुसार, ऑपरेशन के बाद प्रसूता मनीषा को लगातार पेट दर्द होता रहा. अस्पताल लाने पर डॉक्टर ने ये कहकर टाल दिया कि ऑपरेशन हुआ है, कुछ दिन दर्द होगा. घर पहुंचने के बाद ये दर्द और असहनीय हुआ फिर जिला अस्पताल ले गए, लेकिन किसी ने इस बार भी ध्यान नहीं दिया. 

Advertisement

हालत बिगड़ने पर विनोद अपनी पत्नी को एमवायएच इंदौर ले गया. वहां भी ध्यान नहीं देने पर इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया. यहां जांच में पेट के अंदर कोई वस्तु होने की पुष्टि हुई.

21 मार्च को दोबारा सर्जरी हुई तो पेट के अंदर से सर्जिकल नैपकिन निकला. परिजनों ने कहा इलाज में हमारे दो लाख खर्च हो गए और मनीषा अब भी आईसीयू में है.

कलेक्टर ने दिए जांच आदेश 

मामले की सूचना डीएम तक पहुंची तो कलेक्टर भव्या मित्तल ने तीन सदस्य जांच दल गठित कर दिया. और शीघ्र ही जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा. जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दोषी डॉक्टर और टीम पर कार्रवाई की जाएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement