भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है. अब इस केस में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से ऊपर छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद समर्थ और तीन अन्य लोग ट्विशा को नीचे लाते नजर आते हैं.
सीसीटीवी के ये दृश्य अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गए हैं. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर उस एक घंटे में छत पर क्या हुआ था. जानकारी के मुताबिक, ट्विशा आखिरी बार सामान्य हालत में सीढ़ियां चढ़ते हुए दिखाई दी थीं. लेकिन करीब 60 मिनट बाद जब उन्हें नीचे लाया गया, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी. यही वजह है कि अब परिवार लगातार मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है.
छत पर जाकर मां से की बात
आखिर इस एक घंटे में ऐसा क्या हुआ जिसने एक पढ़ी लिखी लड़की की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. वीडियो में दिख रहा है कि सीढ़ियां चढ़कर छत पर जाते समय ट्विशा बेहद सामान्य लग रही है. ट्विशा के हाथ में हेडफ़ोन भी है. छत पर जाने के बाद ट्विशा ने अपनी मां को कॉल लगाया. मां के मुताबिक कुछ देर तक तो वो उनसे बात करती रही. ससुराल में हो रही प्रताड़ना के बारे में बताया. अभी दोनों मां-बेटी बातें कर ही रहे थे कि ट्विशा की मां ने फोन पर किसी की आवाज सुनी और फोन कट गया.
जिमनास्ट वाले इलास्टिक रबर बेल्ट की आई बात
मां के मुताबिक संभवतः वो आवाज समर्थ की थी. कुछ देर बाद ट्विशा की मां गिरिबाला को कॉल करके बोलती है कि ट्विशा फोन नहीं उठा रही है. इसके बाद गिरिबाला और समर्थ ऊपर की ओर भागते हैं और देखते हैं कि ट्विशा जिमनास्ट वाले इलास्टिक रबर बेल्ट से लटकी हुई है.
इसके बाद के सीसीटीवी फुटेज में पति समर्थ सिंह, एक पड़ोस में रहने वाला रिश्तेदार और एक नौकर के साथ ट्विशा को सीढ़ियों से नीचे लाते दिख रहे हैं. इसी बीच सीढ़ी पर वो ट्विशा को CPR देने की कोशिश करते हुए भी दिखाई देते हैं लेकिन नाकाम होने के बाद तीनों लोग ट्विशा को नीचे लाते हैं और फिर अस्पताल ले जाते हैं.
इसी बीच सास गिरिबाला सिंह भी एक कमरे में जाती हैं और कुछ ही सेकंड बाद कमरे से बाहर आकर नीचे चली जाती हैं. सवाल यह है कि ट्विशा के छत पर जाने और नीचे वापस लाने तक एक घंटे का समय है उसमें ट्विशा ने सिर्फ मां और भाई से बात की या फिर किसी और से भी की? फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और मौके से मिले अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है.
रवीश पाल सिंह