ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. भोपाल के कोर्ट ने कहा, AIIMS दिल्ली में दूसरा पोस्टमॉर्टम करने और मृतक के फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए कल दिए गए निर्देश, इस आदेश द्वारा खारिज किए जाते हैं. जहां तक शव को सड़ने से बचाने के लिए निर्देश जारी करने का सवाल है, आवेदक ने मूल आवेदन में अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों को शव को सुरक्षित रखने के लिए निर्देश जारी किए जाएं.
-80°C तापमान में रखना होगा शव
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शव इस समय AIIMS भोपाल की मोर्चरी में -4°C तापमान पर रखा गया है. और AIIMS भोपाल के अधिकारियों के अनुसार, शव को -80°C तापमान पर रखना जरूरी है. भोपाल के अन्य संस्थानों से मिली जानकारी के आधार पर भोपाल में कहीं भी कम तापमान पर शव को सुरक्षित रखने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है.
मध्य प्रदेश में शव रखने की सुविधा उपलब्ध नहीं!
कोर्ट ने कहा, इस संबंध में SHO पुलिस थाना कटारा हिल्स को एक पत्र जारी किया जाए, जिसमें उन्हें निर्देश दिया जाए कि वे चिकित्सा संस्थानों से तत्काल लिखित जानकारी लें कि क्या मध्य प्रदेश के अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों और मध्य प्रदेश के अन्य महानगरों के चिकित्सा संस्थानों में कम तापमान पर शव को सुरक्षित रखने की सुविधा उपलब्ध है. और बिना किसी विलंब के इस न्यायालय में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें.
क्या बोले पुलिस कमिश्नर?
बता दें कि भोपाल पुलिस ने स्पष्ट किया था कि दूसरे पोस्टमार्टम को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि यदि अदालत अनुमति देती है तो दूसरा पोस्टमार्टम कराया जा सकता है. परिवार ने एम्स दिल्ली में दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की थी.
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मृतका के परिजन उनसे मिले थे और उन्होंने इस संबंध में आवेदन दिया था. उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से इस पर कोई आपत्ति नहीं है और यदि अदालत अनुमति देती है तो दूसरा पोस्टमार्टम कराया जा सकता है.
पति के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, 10 हजार का इनाम
इस बीच पुलिस ने बताया कि मृतका के पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं, जो फिलहाल फरार हैं. दोनों की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी. पति की जानकारी देने वालों को पुलिस की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है.
पहले पोस्टमार्टम को लेकर क्या थे परिवार के आरोप?
याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उस 'लिगेचर' का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिसे कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल किया गया था, और जांच के दौरान उसे शामिल भी नहीं किया गया.
परिवार की ओर से वकील अंकुर पांडे ने पहले ही एम्स दिल्ली में दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की थी. उनका कहना है कि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र मेडिकल जांच जरूरी है ताकि मामले में किसी भी तरह की शंका न रहे.
कब गई थी ट्विशा की जान
ट्विशा का शव 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मिला था. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था. रिटायर जज सास को राहत है, जबकि पति गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा है.
परिवार ने यह भी आरोप लगाया था कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम में शरीर पर मौजूद चोटों का सही तरीके से उल्लेख नहीं किया गया. उनका कहना है कि एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय संस्थान द्वारा जांच जरूरी है, क्योंकि उन्हें स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित होने की आशंका है.
सास की बहन भोपाल में सर्जन
परिजनों ने दावा किया कि समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह की बहन भोपाल में सर्जन हैं, वह जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं. परिवार ने यह भी कहा कि वे एम्स भोपाल में पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद थीं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.
दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वे पोस्टमार्टम गृह गई थीं, जहां परिवार ने उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया. परिवार ने अपने बयान में कहा है कि वे कठिन परिस्थितियों के बावजूद न्याय और सच्चाई पर भरोसा बनाए हुए हैं. उनका कहना है कि यदि आरोपी खुद निर्दोष हैं तो उन्हें एम्स दिल्ली जैसे संस्थान में स्वतंत्र जांच से डर नहीं होना चाहिए.
रवीश पाल सिंह