अगर आपको महिलाओं की काबिलियत पर शक है तो आपको बता दें कि महिलाओं को लेकर आपकी यह सोच गलत है.
एक हालिया अध्ययन में यह दावा किया गया
है पुरुषों के मुकाबले महिलाएं होती हैं.
वो अपने कर्मचारियों के लिए कोई ऐसा लक्ष्य नहीं
तय करतीं, जिन्हें पाना उनके लिए मुश्किल हो.
कर्मियों और अपने सबऑर्डिनेट्स के बीच बेहतर
तालमेल रखती हैं और टीम में सकारात्मक माहौल
को बढ़ावा देती हैं. यही नहीं वो कर्मचारियों को
आगे बढ़ने के मौके भी ज्यादा देती हैं.
यह अध्ययन 'द वर्कर्स' ने किया है, जिसमें 2.7 करोड़ कर्मचारियों के जवाब पर शोध किया गया.
अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार ऐसे दफ्तरों में कर्मचारियों का अपने काम के प्रति संतुष्टि का स्तर उन दफ्तरों या टीम से बेहतर है, जहां बॉस पुरुष हैं.
साथ ही यह भी खुलासा किया गया है कि उनकी खुले दिल से तारीफ करती है, जिसका कर्मचारियों पर सकारात्मक असर होता है और वो किसी भी प्रोजेक्ट में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित महसूस करते हैं.
अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि बोर्ड या मैनेजमेंट स्तर पर महिला कर्मचारियों की संख्या ज्यादा होने पर कंपनी के बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ जाती है.
वंदना भारती