पिल्‍स से लाख गुना बेहतर हैं ये प्राकृतिक गर्भनिरोधक

मां बनना संसार का सबसे बड़ा अनुभव है. लेकिन किन्‍हीं कारणों से आप अगर अभी मां नहीं बनना चाहतीं और बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां भी नहीं खाना चाहतीं तो इन प्राकृतिक गर्भनिरोधक फलों की मदद ले सकती हैं...

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करियर में बढ़ती प्रतिस्‍पर्धा और एक मुकाम तक पहुंचने की होड़ में अक्‍सर महिलाएं थोड़ा पीछे रह जाती हैं. वजह साफ है, घर, परिवार और बच्‍चे की जिम्‍मेदारी को निभाते हुए नौकरी में कामयाबी की सीढ़‍ियां चढ़ना पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए ज्‍यादा चुनौतीपूर्ण होता है.


शायद यही वजह है कि शादी के कुछ साल तक आजकल लड़कियां बच्‍चे को जन्‍म नहीं देना चाहतीं. लेकिन इसके लिए बार-बार अबॉर्शन कराना या पील्‍स खाना तर्कसंगत नहीं है. सेहत पर इसके नकारात्‍मक असर होते हैं.

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वैसे कुछ प्राकृतिक गर्भनिरोधक भी बताए जाते हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि ये पिल्‍स से कहीं ज्‍यादा कारगर हैं. हालांकि इनको मानने से पहले आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें.


पपीता : आपने अक्‍सर डॉक्‍टर्स और बड़े बुजुर्गों से सुना होगा कि प्रेग्‍नेंसी में पपीता नहीं खाना चाहिए. खासतौर से शुरुआती तीन महीनों में तो बिल्‍कुल नहीं. इसे खाने से गर्भ रुकता नहीं है. अगर आप पि‍ल्‍स नहीं खाना चाहतीं हैं तो अपने खाने में रोजाना पपीता को शामिल कर लें.

अनानास : प्रेग्‍नेंसी में अनानास खाने की भी मनाही होती है. इसमें कुछ ऐसे तत्‍व पाए जाते हैं, जिनकी वजह से यह प्राकृतिक गर्भनिरोधक का काम करता है.

कच्‍चा दूध : कच्‍चा दूध भी गर्भनिरोधक दवाओं का काम करता है. आप इसे सोने से पहले या सुबह-सुबह पी लें.

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मछली : प्रेग्‍नेंसी में मछली खासतौर से मरकरी वाली जैसे कि स्‍वॉर्डफिश खाने की मनाही होती है. कहा जाता है कि इसमें पाई जाने वाली मरकरी गर्भनिरोधक का काम करती है.


चीज़ : ऐसा कहा जाता है कि अनपाश्‍चुराइज्‍ड मिल्‍क से बना चीज भी प्राकृतिक गर्भनिरोधक का काम करता है.

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