How to Keep Cool in Nautapa: चिलचिलाती गर्मी ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी हैं और हीटवेव की हालत ज्यादा खराब हो रहे हैं. कई शहरों में तो पारा 50 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिसके सामने पंखे की हवा भी बेकार लग रही है. मगर क्या आप जानते हैं कि गर्मी अभी अपना असली प्रचंड रूप दिखाने वाली है, ये तो सिर्फ ट्रेलर है. जी हां, 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है, यानी साल के वो 9 दिन जब सूर्य देव अपने सबसे प्रचंड रूप में होते हैं और धरती पर भीषण गर्मी का कहर टूटता है.
इस दौरान तापमान कई शहरों में 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है, जिससे लू, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. तेज धूप और गर्म हवाएं शरीर की सारी एनर्जी खींच लेती हैं, इसलिए इन दिनों सिर्फ बाहर से नहीं बल्कि शरीर को अंदर से ठंडा रखना भी बेहद जरूरी हो जाता है.
इस नौतपा में खुद को फिट, फ्रेश और हीटवेव से सुरक्षित रखने के लिए रोजाना अपनी डाइट में ये 9 ठंडी और देसी चीजें जरूर शामिल करें.
सत्तू का शरबत
बिहार और उत्तर भारत का यह पारंपरिक एनर्जी ड्रिंक गर्मियों के लिए वरदान है. भुने चने से बना सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है. ठंडे पानी में सत्तू, भुना जीरा, काला नमक, थोड़ा सा नींबू का रस और पुदीना मिलाकर पिएं. यह पेट को तुरंत ठंडा करता है और लू से बचाता है.
खीरा और ककड़ी का सलाद
खीरे और ककड़ी में लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है, जो नौतपा की चिलचिलाती गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखने का सबसे आसान तरीका है. इन्हें छीलकर या बिना छीले सलाद के तरह खाएं. इस पर थोड़ा सा नींबू का रस और चाट मसाला छिड़कने से इसका टेस्ट और गुण दोनों बढ़ जाते हैं.
पुदीना और कच्चे आम का पन्ना
कच्चा आम यानी कैरी विटामिन C का बेहतरीन सोर्स है और पुदीना अपनी कूलिंग प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है. उबले हुए कच्चे आम के पल्प में पुदीने की पत्तियां, चीनी या गुड़, काला नमक और जीरा पाउडर मिलाकर पन्ना तैयार करें. दोपहर में बाहर निकलने से पहले इसे पीना सबसे फायदेमंद साबित होता है.
तरबूज और खरबूजा
गर्मियों में मौसमी फल तरबूज और खरबूजा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का पावरहाउस माने जाते हैं. इनमें मौजूद लाइकोपीन स्किन को धूप से होने वाले नुकसान से भी बचाता है. इन्हें सुबह या दोपहर के स्नैक्स के रूप में ताजा ही काट कर खाएं.
दही की मट्ठा या छाछ
गर्मियों में दही और उससे बनने वाली चीजें खाने और पीने में काफी अच्छी लगती है और इस मौसम में दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त रखते हैं और शरीर के तापमान को भी कंट्रोल करते हैं. दोपहर के खाने के साथ या बाद में एक ग्लास गाढ़ी छाछ में भुना जीरा और सेंधा नमक डालकर पिएं. यह हैवी मील को डाइजेस्ट करने में भी मदद करता है.
प्याज और पुदीने की चटनी
आयुर्वेद में कच्चे प्याज को लू की सबसे असरदार दवा माना गया है.यह शरीर की गर्मी को सोख लेता है, इसलिए लोग प्याज-पुदीने की चटनी खूब खाते हैं. कच्चा प्याज, ढेर सारा पुदीना, हरी मिर्च और नींबू का रस मिलाकर चटनी पीस लें और इसे अपने रोज के खाने के साथ मजे से खाएं.
नारियल पानी
नौतपा में पसीने के जरिए शरीर से जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, ऐसे में नियमित तौर पर नारियल पानी बॉडी में पानी की कमी नहीं होने देता है. इसमें कुदरती इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होते हैं, रोजाना सुबह या दोपहर के समय एक ताजा नारियल पानी पिएं. यह कमजोरी और चक्कर आने की समस्या को जड़ से खत्म करता है.
जौ का दलिया या राबड़ी
जौ की तासीर बेहद ठंडी होती है और इसलिए इस मौसम में गेहूं से ज्यादा इसकी बनी चीजें खाना पसंद करते हैं. यह गर्मियों में पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करने के लिए सबसे सही माना जाता है. जौ के आटे को छाछ में पकाकर रातभर रखें और सुबह ठंडी-ठंडी जौ की राबड़ी या फिर इसका हल्का दलिया बनाकर नाश्ते में खा सकते हैं.
गोंद कतीरा का शरबत
गोंद कतीरा को गर्मियों का सुपरफूड कहा जा सकता है, इसमें गजब की कूलिंग सुपरपावर होती है जो नाक से खून आने और हीट स्ट्रोक को रोकती है. एक चम्मच गोंद कतीरा को रातभर पानी में भिगो दें. सुबह यह जेली जैसा फूल जाएगा. इसे दूध, शेक या गुलाब के शर्बत में बनाकर पी सकते हैं.
नौतपा के इन 9 दिनों में चाय, कॉफी, ज्यादा तेल-मसाले वाले और बासी भोजन से पूरी तरह दूरी बना लें, क्योंकि ये शरीर में अंदरूनी गर्मी को बढ़ाते हैं.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क