Sabudana Tikki: चैत्र नवरात्र इस साल 19 मार्च 2026 से शुरू हो गए हैं. नवरात्र के व्रत में लोग हल्का और फलाहारी खाना पसंद करते हैं. फलों और कुट्टू से बनने वाली चीजों के साथ ही जो चीजें लोग व्रत में बड़े चाव से खाते हैं वो साबूदाना से बनी डिशेज होती हैं. साबूदाने की खिचड़ी से लेकर साबूदाने की टिक्की तक नवरात्र में लोगों को खाना सबसे ज्यादा पसंद होता है. खासकर साबूदाना टिक्की हर किसी की फेवरेट होती है. ये बाहर से कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट होती है.
साबूदाने की टिक्की लोगों को पसंद तो बहुत आती है, लेकिन अक्सर घर पर जब इन्हें बनाते समय दिक्कत आ जाती है. कड़ाही में डालते ही टिक्की टूट जाती है या फिर बहुत ज्यादा तेल सोख लेती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो नवरात्र के व्रत में परफेक्ट और क्रिस्पी साबूदाना टिक्की बनाने के लिए कुछ आसान किचन टिप्स जरूर अपनाएं. इन छोटे-छोटे उपायों से आपकी टिक्की न सिर्फ अच्छी तरह सेट होगी, बल्कि स्वाद में भी बाजार जैसी कुरकुरी बनेगी.
1. साबूदाना सही तरीके से भिगोना जरूरी
साबूदाना टिक्की का स्वाद और टेक्शचर इस बात पर काफी हद तक निर्भर करता है कि आपने उसे कैसे भिगोया है. साबूदाना को पहले 2-3 बार पानी से धो लें, ताकि उसमें मौजूद स्टार्च निकल जाए. इसके बाद 4-6 घंटे तक भिगोएं. ध्यान रखें कि साबूदाना सॉफ्ट हो जाएं, लेकिन चिपचिपे या गीले न हों. अगर साबूदाना में ज्यादा पानी रह गया तो टिक्की टूट सकती है.
2. उबले आलू का सही इस्तेमाल करें
साबूदाना टिक्की को बांधने के लिए उबले आलू बहुत जरूरी होते हैं. आलू टिक्की को शेप देने में मदद करते हैं और तलते समय टूटने से बचाते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि आलू ज्यादा गीले या चिपचिपे न हों, वरना मिश्रण ढीला हो जाएगा.
3. मूंगफली डालने से आएगा अच्छा क्रंच
अगर आप अपनी साबूदाना टिक्की को क्रंची बनाना चाहते हैं तो उसमें भुनी हुई दरदरी मूंगफली मिला लें. इससे टिक्की में स्वाद और कुरकुरापन दोनों बढ़ता है. इससे टिक्की का टेक्सचर बेहतर होता है और हर बाइट में अच्छा क्रंच मिलता है.
4. टिक्की बनाते समय हाथ हल्के गीले रखें
साबूदाना का मिश्रण अक्सर हाथों से चिपकता है. इसलिए टिक्की बनाते समय हाथों पर थोड़ा पानी या तेल लगा लें. इससे टिक्की आसानी से बनेंगी और उसकी शेप भी नहीं बिगड़ेगी. अगर टिक्की की शेप ढंग से नहीं बनेगी तो उसके खुलने के चांस बढ़ जाते हैं.
5. सही आंच पर तलना है सबसे जरूरी
कई लोग टिक्की को बहुत तेज या बहुत धीमी आंच पर तलते हैं, जिससे समस्या हो सकती है. तेज आंच पर टिक्की बाहर से जल्दी जल सकती है. धीमी आंच पर तलने से टिक्की ज्यादा तेल सोख लेती है. इसलिए साबूदाना टिक्की को हमेशा मीडियम आंच पर तलना सबसे अच्छा माना जाता है.
6. अगर मिश्रण ज्यादा गीला लगे तो क्या करें?
अगर टिक्की का मिश्रण ढीला लग रहा हो तो उसमें थोड़ा सा चावल का आटा, सिंघाड़े का आटा या कुट्टू का आटा मिला सकते हैं. इससे टिक्की आसानी से बंध जाती है और तलते समय टूटती नहीं है.
व्रत में झटपट कैसे बनाएं कुरकुरी साबूदाना टिक्की
इंग्रेडिएंट्स:
बनाने का आसान तरीका
1. साबूदाने को 2–3 बार धो लें और उतना ही पानी डालें कि वो बस डूब जाए. इसे 4–5 घंटे या रातभर के लिए ढककर रख दें, ताकि दाने अच्छे से फूल जाएं.
2. अब एक बर्तन में भीगा हुआ साबूदाना लें. इसमें मैश किए हुए उबले आलू, दरदरी पिसी मूंगफली, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, सेंधा नमक और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें.
3. हाथों पर थोड़ा सा तेल लगाकर मिश्रण से छोटे-छोटे गोले बनाएं और उन्हें हल्का दबाकर टिक्की बना लें. ध्यान रखें कि किनारों पर दरार न हो.
4. कड़ाही में तेल या घी गरम करें और टिक्कियों को मीडियम-तेज आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक दोनों तरफ से तल लें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क