चिया सीड्स इन दिनों फिटनेस फ्रीक लोगों के बीच काफी पॉपुलर हैं. इनमें ओमेगा-3, प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. वहीं, भारत में लंबे समय से इसबगोल को डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि डाइजेशन और ओवरऑल हेल्थ के लिए इन दोनों में से कौन ज्यादा फायदेमंद है.
इसबगोल के फायदे
इसबगोल में बहुत ज्यादा सॉल्युबल फाइबर (लगभग 70–80%) होता है. यह फाइबर आंतों में पानी को सोखकर जेल जैसा बन जाता है. इससे डाइजेशन स्लो होता है और कब्ज, गैस और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसके अलावा इसबगोल में प्रीबायोटिक गुण भी होते हैं जो गट में मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. इससे गट हेल्थ बेहतर होती है और इम्यूनिटी मजबूत रहती है. आप रोजाना 1-2 चम्मच इसबगोल को पानी, दूध या दही में मिलाकर ले सकते हैं. इसे लेने के बाद भरपूर पानी पीना न भूलें.
चिया सीड्स के फायदे
पोषण के लिहाज से चिया सीड्स के अपने फायदे हैं लेकिन इनके गुण इसबगोल से अलग होते हैं. चिया सीड्स में लगभग 10 फीसदी फाइबर होता है जो ज्यादातर इन्सॉल्युबल फाइबर होता है. इसके अलावा, चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्लांट प्रोटीन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं. इसी वजह से इन्हें एक तरह का न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट माना जाता है. रोजाना 1-2 चम्मच चिया सीड्स को आप पानी, दही, स्मूदी, ओट्स या बेक्ड फूड्स में मिलाकर ले सकते हैं.
डाइजेशन के लिए कौन बेहतर है?
डाइजेशन के मामले में इसबगोल ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें सॉल्युबल फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. इसे रोजाना खाने से कब्ज दूर रहती है और गट हेल्थ बेहतर होती है. वहीं चिया सीड्स गट हेल्थ के लिए फायदेमंद जरूर हैं लेकिन इसबगोल जितना नहीं. चिया सीड्स हार्ट हेल्थ, वजन घटाने, पोषण और ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं, न कि किसी खास डाइजेशन प्रॉब्लम के लिए.
फिर इन दोनों में कौन बेहतर है?
इसबगोल और चिया सीड्स में से क्या चुनना है, यह आपकी जरूरतों पर डिपेंड करता है. अगर आपको कब्ज, गैस या डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं रहती हैं तो आपके लिए इसबगोल बेहतर है. वहीं, अगर आप रोजाना प्रोटीन, ओमेगा-3 और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट लेना चाहते हैं तो आपके लिए चिया सीड्स बेहतर हैं.
नोट: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना न भूलें.
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