दिल्ली दंगों मामले में कपिल मिश्रा पर FIR का आदेश नहीं, कोर्ट ने शिकायत सुनने पर सहमति दी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगे मामले में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया है. याचिकाकर्ता मोहद इलियास की शिकायत को सुनने की मंजूरी दी गई है, जिसके तहत सबूत और गवाहों को भारतीय दंड संहिता की धारा 223 (1) के तहत सुना जाएगा.

Advertisement
दिल्ली दंगा केस में कपिल मिश्रा को लेकर कोर्ट का अहम फैसला सामने आया (Photo: PTI) दिल्ली दंगा केस में कपिल मिश्रा को लेकर कोर्ट का अहम फैसला सामने आया (Photo: PTI)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

2020 के दिल्ली दंगे से जुड़े मामले में शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई. बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को लेकर दायर याचिका पर अहम फैसला सुनाया गया.

कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया. हालांकि, याचिकाकर्ता को यह राहत मिली कि कोर्ट आपराधिक शिकायत को सुनने के लिए तैयार हो गया.

Advertisement

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए जाने वाले सबूत और गवाहों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 (1) के तहत सुना जाएगा. कोर्ट में बीजेपी नेता के खिलाफ शिकायत मोहम्मद इलियास नाम के शख्स ने दायर की है.

यह भी पढ़ें: 2020 दिल्ली दंगों में पुलिस पर पिस्तौल तानने वाला आरोपी शाहरुख पठान को राहत नहीं, जमानत याचिका खारिज

शिकायतकर्ता इलियास ने आरोप लगाया है कि 23 फरवरी 2020 को कपिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ कर्दमपुरी इलाके में पहुंचे थे. यहां मुस्लिम और दलित समुदाय के लोगों की रेड़ियों को तोड़ा गया और यह कार्रवाई पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से की गई.

अब कोर्ट आने वाले दिनों में शिकायतकर्ता इलियास की ओर से पेश किए जाने वाले सबूत और गवाहों को सुनेगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.

Advertisement

बता दें कि साल 2020 में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में दंगे भड़क गए थे, जिनमें 53 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल थे. 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था. सबसे ज्यादा नुकसान जाफराबाद इलाके को पहुंचा था.

दंगे 23 फरवरी से 26 फरवरी तक चले थे. जाफराबाद, चांद बाग और भजनपुरा जैसे इलाकों में दुकानों, घरों और वाहनों में आग लगा दी गई थी. दंगों को छह साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »