कर्नाटक में सत्ता का संघर्ष अब फिर से जोर पकड़ता दिख रहा है. सीएम की कुर्सी को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय से शीतयुद्ध जारी है. इस बीच अब प्रदेश के 35 विधायक दिल्ली कूच को तैयार हैं. हालांकि, विधायकों के इस दिल्ली कूच के पीछे कैबिनेट बर्थ पाने की लड़ाई वजह बताई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक ये विधायक कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात करेंगे. दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात कर विधायक अपनी मांगों पर बात करेंगे. कर्नाटक में सीएम कुर्सी को लेकर खींचतान चलती रही है, लेकिन विधायकों के इस दिल्ली दौरे का एजेंडा सीएम पद को लेकर खींचतान नहीं, बल्कि कैबिनेट में बदलाव बताया जा रहा है. कई विधायक मंत्री बनने के लिए दावेदारी ठोक रहे हैं.
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इन विधायकों की मांग है कि उनको मंत्री बनाया जाना चाहिए. इसी को लेकर विधायकों ने दिल्ली कूच का प्लान बनाया है. बताया जाता है कि इन विधायकों ने मार्च महीने में डिनर पर मुलाकात की थी और तभी दिल्ली कूच की रणनीति को अंतिम रूप दिया था. कर्नाटक कांग्रेस के चीफ व्हिप अशोक पट्टन की अगुवाई में विधायकों के एक दल ने मार्च महीने में सीएम सिद्धारमैया से भी मुलाकात की थी.
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सीएम सिद्धारमैया से विधायकों की इस मुलाकात का एजेंडा भी मंत्रिमंडल विस्तार ही था. कई विधायकों ने सीएम से मुलाकात के दौरान भी मंत्री पद के लिए दावेदारी की थी. सीएम से मुलाकात के बाद ही विधायकों ने दिल्ली पहुंचकर हाईकमान पर दबाव बनाने की रणनीति को अंतिम रूप दे दिया था और अब विधायक 12 अप्रैल को दिल्ली पहुंचेंगे.
नागार्जुन