कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, उनके भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ अहम बैठकें कीं. इस बैठक को कर्नाटक की राजनीति में चल रहे विवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
डीके शिवकुमार, उनके भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की. दिल्ली दौरे के बीच डीके शिवकुमार सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मिले.
पार्टी आलाकमान के साथ हुई बैठक में क्या बातें हुईं, आधिकारिक तौर पर इस एजेंडे को गुप्त रखा गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी और सत्ता के बंटवारे को लेकर बड़ी रणनीति तैयार की जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि कर्नाटक में मई, 2023 में जब कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की थी. तब मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कड़ी टक्कर थी. ऐसे में पार्टी ने कथित तौर पर ढाई-ढाई साल सीएम पद का फॉर्मूला अपनाया था.
यह भी पढ़ें: कर्नाटक में पावर-शेयरिंग पर कांग्रेस में फिर रार? डीके शिवकुमार के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल
2025 में ही पूरा हो चुका है सिद्धारमैया का आधा कार्यकाल
डीके शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि उस समय आलाकमान ने दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल के कार्यकाल का समझौता कराया था. सिद्धारमैया का आधा कार्यकाल (नवंबर 2025 में) पूरा हो चुका है. ऐसे में अब शिवकुमार खेमे का मानना है कि वादे के मुताबिक अब डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सिद्धारमैया ने बुधवार को मीडिया को जवाब दिया. उन्होंने कहा था, 'जो भी हाईकमान का फैसला होगा, उसे मुझे और शिवकुमार दोनों को मानना होगा. ये मामला पूरी तरह हाईकमान के हाथ में है.'
राहुल गौतम / नागार्जुन