पानी में से जब पेट्रोल निकालते हैं तो वह मिक्स क्यों नहीं होता?

पेट्रोल और पानी आपस में इसलिए नहीं मिलते क्योंकि दोनों का केमिकल नेचर अलग होता है. पानी पोलर और पेट्रोल नॉन पोलर पदार्थ है, जिसके कारण दोनों एक-दूसरे में नहीं घुलते.इसके साथ ही पेट्रोल की डेंसिटी पानी से कम होती है, इसलिए वह पानी की सतह पर तैरता रहता है.

Advertisement
पानी और पेट्रोल को आसानी से अलग किया जा सकता है. ( Photo: ITG) पानी और पेट्रोल को आसानी से अलग किया जा सकता है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:00 PM IST

आपने कई बार देखा होगा कि अगर किसी बर्तन में पानी और पेट्रोल डाल दिया जाए, तो दोनों आपस में नहीं मिलते. पेट्रोल पानी की सतह पर तैरता रहता है और अलग दिखाई देता है. यही कारण है कि तेल या पेट्रोल से जुड़े हादसों में भी पानी और पेट्रोल अलग-अलग नजर आते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? चलिए जानते हैं.

Advertisement

पानी और पेट्रोल का नेचर काफी अलग 
पानी और पेट्रोल दोनों तरल पदार्थ हैं, लेकिन उनकी केमिकल कंपोजिशन एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होते हैं. पानी के मॉलिक्यूल पोलर होते हैं. इसका मतलब है कि उनके अंदर हल्का पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज होता है. इसी वजह से पानी के मॉलिक्यूल्स आपस में मजबूती से जुड़े रहते हैं. वहीं, पेट्रोल कई तरह के हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होता है और इसके पार्टिकल्स नॉन-पोलर होते हैं. इनमें पानी जैसी इलेक्ट्रिकल प्रॉपर्टीज नहीं होतीं.

समान चीजें समान में घुलती हैं
साइंस का एक आसान नियम है-"Like Dissolves Like" यानी समान गुणों वाली चीजें ही एक-दूसरे में आसानी से घुलती हैं. उदाहरण के लिए पानी में नमक घुल जाता है, पानी में चीनी भी घुल जाती है. लेकिन पेट्रोल पानी में नहीं घुलता. ऐसा इसलिए क्योंकि पानी और पेट्रोल के मॉलिक्यूल्स का नेचर अलग-अलग होता है. दोनों एक-दूसरे को आकर्षित नहीं करते, इसलिए वे अलग रहते हैं.

Advertisement

पेट्रोल पानी के ऊपर क्यों तैरता है?
पानी और पेट्रोल के अलग रहने का एक कारण उसकी डेंसिटी भी है. पानी की डेंसिटी लगभग 1 ग्राम पर क्यूबिक सेंटीमीटर होता है, जबकि पेट्रोल की डेंसिटी इससे कम, लगभग 0.7 से 0.8 ग्राम ग्राम पर क्यूबिक सेंटीमीटर होता है.आसान शब्दों में कहें तो पेट्रोल पानी से हल्का होता है. इसलिए जब दोनों को एक साथ रखा जाता है, तो पेट्रोल ऊपर आ जाता है और पानी नीचे रह जाता है. इसी कारण पेट्रोल की परत पानी के ऊपर साफ दिखाई देती है.

फिर पानी में से पेट्रोल कैसे निकाला जाता है?
जब किसी टैंक, जहाज या पाइपलाइन में पानी और पेट्रोल एक साथ मिल जाते हैं, तब उन्हें अलग करने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया जाता है. क्योंकि पेट्रोल ऊपर तैरता है, इसलिए उसे ऊपर की परत से आसानी से निकाला जा सकता है. कई जगह विशेष सेपरेटर मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है जो दोनों तरल पदार्थों को अलग कर देती हैं. यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान होती है क्योंकि दोनों पहले से ही अलग-अलग परतों में मौजूद रहते हैं.

क्या पेट्रोल का थोड़ा हिस्सा पानी में घुल सकता है?
हालांकि आम तौर पर पेट्रोल पानी में नहीं घुलता, लेकिन उसके कुछ केमिकल कंपोनेंट बहुत कम मात्रा में पानी में मिल सकते हैं. यह मात्रा इतनी कम होती है कि सामान्य परिस्थितियों में इसका कोई खास असर दिखाई नहीं देता. इसलिए आम भाषा में कहा जाता है कि पेट्रोल और पानी आपस में नहीं मिलते.

Advertisement

तेल भी इसी तरह व्यवहार करता है
अगर आपने कभी पानी में खाने का तेल डाला हो, तो आपने देखा होगा कि वह भी ऊपर तैरने लगता है. इसका कारण भी लगभग वही है जो पेट्रोल के साथ होता है. तेल और पेट्रोल दोनों नॉन-पोलर सब्सटांस हैं, जबकि पानी पोलर है. इसलिए ये आपस में घुलते नहीं हैं.

पानी और पेट्रोल इसलिए मिक्स नहीं होते क्योंकि दोनों की रासायनिक प्रकृति अलग होती है. पानी पोलर और पेट्रोल नॉन पोलर होता है. इसके अलावा पेट्रोल पानी से हल्का होता है, इसलिए वह ऊपर तैरता रहता है. यही वजह है कि जब पानी में से पेट्रोल निकाला जाता है, तो दोनों अलग-अलग परतों में दिखाई देते हैं और आसानी से अलग किए जा सकते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »