अगर किसी के लोन में गारंटर बन जाए और वो ना चुकाए तो क्या होगा? वकील ने बताया

क्या आप जानते हैं अगर कोई लोन लेने वाल शख्स समय पर लोन का भुगतान ना करे तो गारंटर पर क्या असर होगा. तो जानते हैं इस स्थिति में पैसा किसे देना होगा?

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लोन ना चुकाने पर गारंटर से पैसे वसूला जा सकता है. (Photo: Pexels) लोन ना चुकाने पर गारंटर से पैसे वसूला जा सकता है. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

जब भी कोई लोन लेता है तो उस वक्त गारंटर की भी जरूर होती है, जिसके बाद लोन का प्रोसेस पूरा होता है. हो सकता है आपने भी किसी की लोन फाइल में गवाह या गारंटर के रुप में साइन किए हो. लेकिन, अगर सोचिए जिस शख्स की लोन फाइल में आपने साइन किए हैं, वो समय पर लोन ना दे तो क्या होगा. क्या गारंटर होने के नाते आप पर कुछ असर पड़ेगा या लोन का पैसा आपको देना होगा या फिर इसमें आप पर भी कोई कार्रवाई हो सकती है... तो जानते हैं अगर कोई लोन ना चुकाए तो उसके गारंटर का क्या होगा और इस मामले में नियम क्या कहते हैं?

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कौन होता है लोन का गारंटर?

लोन का गारंटर वह व्यक्ति होता है जो बैंक या फाइनेंस कंपनी को यह लिखित भरोसा देता है कि अगर लोन लेने वाला व्यक्ति कर्ज नहीं चुका पाया, तो वह खुद उसकी जगह पैसा चुकाएगा. मान लीजिए किसी व्यक्ति को बैंक से लोन चाहिए, लेकिन बैंक को उस पर पूरा भरोसा नहीं है. तब बैंक कहता है कि कोई भरोसेमंद व्यक्ति गारंटी दे. जो व्यक्ति यह जिम्मेदारी लेता है, वो गारंटर कहलाता है. 

क्या गारंटर को देने होंगे पैसे?

अगर लोन लेने वाला व्यक्ति EMI नहीं देता, तो बैंक गवाह से पैसे वसूलने का अधिकार रखता है. कई बार बैंक सीधे गारंटर से ही EMI या पूरा बकाया मांग सकता है. इस बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रेम जोशी बताते हैं कि इस स्थिति में गारंटर पैसे देने के लिए उत्तरदायी होगा और जो बकाया अमाउंट है, वो गारंटर को देना होगा. इस बारे में जोशी बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि अगर कोई किश्त नहीं देता है तो सीधे गारंटर से पैसा मांग लिया जाएगा. ऐसे में या तो लोन लेने वाले शख्स को कोर्ट में पेश  करना होता है और अगर वो शख्स गायब हो जाता है तो उस स्थिति में पैसे देने पड़ सकते हैं. 

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बता दें कि Indian Contract Act गारंटर में भी इसका जिक्र है. इसके अनुसार गारंटर की देनदारी मुख्य उधारकर्ता (Principal Debtor) के बराबर होती है, जब तक कि कॉन्ट्रैक्ट में कुछ अलग न लिखा हो. यानी पैसे चुकाने की जिम्मेदारी लोन वाले शख्स की जितनी है, उतनी ही जिम्मेदारी गारंटर की भी है.

अगर लोन लेने वाला व्यक्ति पैसा नहीं देता, तो बैंक सीधे गारंटर से पैसा मांग सकता है. एक बार सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में कहा था कि बैंक को पहले मुख्य कर्जदार के खिलाफ ही कार्रवाई करने से पहले सीधे गारंटर से भी वसूली की जा सकती है.  

क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है असर

क्रेडिट स्कोर लोन डिफॉल्ट होने पर उसका असर गारंटर की क्रेडिट हिस्ट्री पर भी पड़ता है. इसके बाद आपको अपनी फाइनेंशियल चीजों में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है. 
 

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