अमेरिका खो चुका है 6 परमाणु बम, अगर एक भी ईरान के हाथ लग गया तो...

अमेरिकी सेना ने छह परमाणु बम खो दिए हैं. ऐसे में जब ईरान के साथ युद्ध भड़क उठा है तो यूएस को आशंका है कि अगर उनके खोए हुए परमाणु हथियार दुश्मन के हाथ लग गए तो बड़ी तबाही हो सकती है.

Advertisement
अमेरिका ने खो दिए है अपने 6 परमाणु बम (Photo - Pixabay) अमेरिका ने खो दिए है अपने 6 परमाणु बम (Photo - Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

परमाणु हथियारों के ट्रांसपोर्टेशन के दौरान अब तक 32 बार ऐसी दुर्घटनाएं हुई हैं, जब अमेरिका ने इन्हें खो दिया हो या वो विस्फोट कर गए. हालांकि, बाद में इन्हें रिकवर कर लिया गया, लेकिन छह ऐसे मामले रहे हैं, जब अमेरिका को उनका खोया परमाणु बम नहीं मिला. परमाणु हथियार खोने या गलती से गिर जाने की इन घटनाओं को 'ब्रोकन एरो' नाम दिया गया है.

Advertisement

द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रोकन एरो दुर्घटना के 32 मामलों में से कुल छह लापता परमाणु हथियार हैं - जिनमें से प्रत्येक एक शहर को नष्ट करने और लाखों लोगों को मारने के लिए पर्याप्त है. अमेरिका ने जिन परमाणु हथियारों को खो दिया है वो दुनिया भर में कहीं भी बिखरे हुए हैं. इनमें से कुछ परमाणु बम समुद्र की गहराई में खो गए हैं, जिन्हें कोई भी खोज सकता है.

अब जैसे ही डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर भीषण बमबारी की धमकी दी, मिडिल ईस्ट में छिपे हुए परमाणु क्षमताओं को लेकर चिंता बढ़ने लगीं हैं. वैसे अमेरिका का मानना है कि अगर वह अपने लापता बमों का पता नहीं लगा सकता, तो उसके दुश्मन भी ऐसा नहीं कर सकते है.

अब तक अमेरिका के 32 ब्रोकन एरो दुर्घटनाओं की जानकारी है, जिनमें से छह मामलों में खोए हुए परमाणु बम आजतक नहीं मिल पाए. यह देखते हुए कि इनमें से किसी एक भी खोए हुए बम के विस्फोट से एक शहर पूरी तरह से नष्ट हो सकता है और लाखों लोगों की जान जा सकती है, मौजूदा हालात में यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है. ऐसे में जानते हैं कि कब-कब किन ब्रोकन एरो दुर्घटनाओं में, कहां अमेरिका के परमाणु बम गुम हो गए. 

Advertisement

1958 में यूएस ने खो दिया था 15 टन का हाइड्रोजन बम
1958 में एक घटना घटी जिसमें टाइबी द्वीप के पास एक पूरी तरह से हथियारों से लैस बी-47 विमान, जो मार्क 15 हाइड्रोजन बम ले जा रहा था, हवा में टक्कर के बाद अपना परमाणु बम गिरा बैठा. नेशनल इंटरेस्ट के अनुसार, मिरर यूएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि शुरुआती दावों के बावजूद कि यह एक नकली बम था, लेकिन, उस हथियार को कभी बरामद नहीं किया गया.

बी-47 विमान 7,600 पाउंड वजनी मार्क 15 हाइड्रोजन थर्मोन्यूक्लियर बम ले जा रहा था. मार्क 15 बम की विस्फोटक क्षमता 3.8 मेगाटन थी, जो फैट मैन बम से 190 गुना अधिक विनाशकारी थी. फैट मैन बम ने नागासाकी को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था और जापान को आत्मसमर्पण करने के लिए विवश कर दिया था. इस दुर्घटना में एफ-86 का पंख टूट गया था, लेकिन पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया जबकि बी-47 को नुकसान पहुंचा और पायलट को चिंता थी कि बम फट सकता है. इसलिए, पायलट ने मार्क 15 हेलीकॉप्टर को टाइबी द्वीप के पास वासाव साउंड के समुद्र में छोड़ दिया.

सोनार का इस्तेमाल करते हुए, नौसेना के 100 से अधिक कर्मियों ने छोड़े गए मार्क 15 की खोज की. यह खोज दो महीने तक चली, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला.वायु सेना ने जनता को सूचित किया कि बम के प्लूटोनियम वारहेड को उड़ान से पहले हटा दिया गया था और उसके स्थान पर सीसे का विकल्प लगा दिया गया था. हालांकि, दशकों बाद, 1994 में कांग्रेस के समक्ष दी गई गवाही से जारी दस्तावेजों से पता चला कि टाइबी मार्क 15 वास्तव में एक  परमाणु हथियार था.

Advertisement

1966 में भी खो गया था एक थर्मोन्यूक्लियर बम
1966 में, दो अमेरिकी सैन्य विमानों के बीच टक्कर के बाद मेडिटेरियन सी में एक बी-28 थर्मोन्यूक्लियर बम खो गया था और उसका वारहेड अभी भी लापता है. एक स्पेनिश झींगा मछुआरे ने एक सफेद पैकेट को नीचे गिरते हुए देखा था. यह उन चार बी28 थर्मोन्यूक्लियर बमों में से एक था जो भूमध्य सागर के ऊपर दो अमेरिकी सैन्य विमानों की टक्कर के बाद समुद्र में बिखरे थे.

तीन बी-28 विमानों को जमीन पर बरामद कर लिया गया था, लेकिन उनमें मौजूद वारहेड का कभी पता नहीं चल पाया. टाइबी और मेडिटेरियन सागर की घटना, दर्ज की गई 32 ब्रोकन एरो दुर्घटनाओं में से केवल दो उदाहरण हैं. ब्रोकन एरो परमाणु हथियारों से जुड़ी आकस्मिक घटना के लिए सैन्य शब्दावली है, जैसे कि परमाणु हथियार का खो जाना या परमाणु हथियार का अनजाने में विस्फोट होना.

ईरान का परमाणु शक्ति प्राप्त करने का सता डर
हालांकि, अमेरिकी हमलों और इससे पहले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान से ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफी हद तक नष्ट हो गया है, लेकिन कुछ लोगों को डर है कि वे अपनी परमाणु क्षमताओं को विकसित कर चुके हैं और बस समय का इंतजार कर रहे हैं. 

Advertisement

अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम में आ सकती है और तेजी 
वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञ जेफरी लुईस ने कहा कि यदि यह हमला किसी शासन को हटाने में सफल नहीं होता है, तो ईरान में हजारों लोग ऐसे हैं जो इस तरह के कार्यक्रम को फिर से शुरू करने में सक्षम हैं. यह तकनीक अपने आप में दशकों पुरानी है और प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त ईरान संभवतः उसी निष्कर्ष पर पहुंचेगा, जिस पर उत्तर कोरिया पहुंचा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ यह एक खतरनाक दुनिया है, और परमाणु शक्ति प्राप्त करना बेहतर है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement