ईरान जंग में आर्मी बेस, समुद्री जहाज, तेल-गैस रिफाइनरी के बाद अब परमाणु ठिकानों पर हमले होने लगे हैं. पहले इजरायल ने ईरान के नतांज परमाणु सेंटर पर हमला किया और उसके बाद ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर को टारगेट कर दिया. डिमोना, दक्षिणी इसराइल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित है और यहां एक प्रमुख परमाणु संयंत्र है.
ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये युद्ध परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहा है. इसी बीच, सबसे ज्यादा चर्चा है इजरायल के परमाणु हथियारों पर. दरअसल, आधिकारिक तौर पर इजरायल के पास एक भी परमाणु बम नहीं है, जबकि दावा ये होता रहा है कि इजरायल के पास करीब 100 वॉरहेड हैं. तो समझते हैं कि आखिर इजरायल के परमाणु बम की क्या कहानी है...
क्या इजरायल के पास परमाणु बम है?
अगर आधिकारिक तौर पर देखें तो इसका जवाब है नहीं, क्योंकि इजरायल ने कभी परमाणु हथियारों को लेकर घोषणा नहीं की है. लेकिन, वैसे कहा जाता है कि ईरान के पास कम से कम 100 और संभवतः 200 तक परमाणु वॉरहेड हैं. इसके साथ ही ये भी कभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि इजरायल ने कभी परमाणु परीक्षण किया है या नहीं. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि साल 1979 में दक्षिण हिंद महासागर में हुआ संदिग्ध परमाणु विस्फोट इसराइल का परमाणु परीक्षण हो सकता है. हालांकि, इसे लेकर कुछ पुख्ता सबूत सामने नहीं आए.
इजरायल की परमाणु ताकत इस वजह से साफ नहीं होती है क्योंकि इजरायल ने परमाणु अप्रसार संधि (Treaty on the Non-Proliferation of Nuclear Weapons) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. इस वजह से उसकी परमाणु सुविधाएं इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी की व्यापक निगरानी प्रणाली के तहत नहीं आतीं.
बता दें कि इंटरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेंसी इसकी निगरानी करती है और जो देश ये एनपीटी साइन करते हैं, उन्हें अपनी सभी परमाणु गतिविधियां घोषित करनी पड़ती हैं. लेकिन, इजरायल ने ऐसा नहीं किया है. साथ ही इजरायल ने कभी आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार होने या ना होने की बात स्वीकार नहीं की है.
एटॉमिक एनर्जी पर कर रहा है काम
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैसे 1948 में स्थापना के बाद से ही इजरायल ने परमाणु हथियार में रुचि दिखानी शुरू कर दी थी. 1952 में इजरायल एटॉमिक एनर्जी कमीशन की स्थापना की गई. साथ ही इजरायल ने काफी पहले से ही नेगेव रेगिस्तान में मौजूद फॉस्फेट से यूरेनियम निकालना शुरू कर दिया था. ये बताता है कि इजरायल का इसमें इंट्रेस्ट काफी पहले से रहा है. फिर डिमोना में भी परमाणु एक्सपेरिमेंट को लेकर काम शुरू हुआ, जिसे आज इजरायल का एक प्रमुख परमाणु संयंत्र है.
रिपोर्ट के अनुसार, साल 1980 के दशक में पूर्व तकनीशियन मोरदखाई वानूनू ने एक ब्रिटिश अखबार को परमाणु हथियारों की तस्वीरें और विवरण दिए. फिर इस पर चर्चा ज्यादा होने लगी और बाद में 2003 में बताया गया कि इजरायल के पास 100 के करीब परमाणु हथियार हैं. यहां तक कि अमेरिका भी इजरायल के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर चिंता जता चुका है.
1968 में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने यह निष्कर्ष निकाला था कि इसराइल ने परमाणु हथियार बनाना शुरू कर दिया है. ऐसे ही कई और तथ्य सामने आया, जिनसे स्पष्ट होता है कि इजरायल के पास परमाणु पावर है. लेकिन, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में इजरायल की परमाणु शक्ति अभी भी मिस्ट्री है.
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