इस बार जोशीमठ में जबरदस्त बर्फबारी हुई है. घर, मकान, पेड़-पौधे, सड़कें, गलियां...सभी पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई है. हर तरफ बर्फ ही बर्फ का सफेद नज़ारा अपने आप में बेहद मनोरम और खूबसूरत है. बर्फ से ढके पहाड़ों पर जब सूरज की किरणें पड़ रही हैं तो चांदी की तरह चमकते दिखाई दे रहे हैं.
हालांकि, लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़कों पर बर्फ जमा होने से कई गाड़ियां फंसी भी हैं. फिसलन की वजह से पहाड़ों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी हुई है. आवाजाही में थोड़ी मुश्किल जरूर आ रही है, लेकिन यह प्राकृतिक सुंदरता इन छोटी-मोटी परेशानियों को भी भुला देती है.
बर्फबारी से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं. वहीं, पर्यटक भी बर्फबारी की इस खूबसूरती को देखकर उत्साहित हैं. पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का यह दौर लंबे सूखे के बाद बड़ी राहत लेकर आया है. जोशीमठ अब बर्फ के आगोश में समा गया है. बर्फबारी से एक तरफ जहां कई चुनौतियां हैं तो वहीं, दूसरी तरफ प्रकृति की अनमोल खूबसूरती भी शानदार है. विश्व प्रसिद्ध स्की रिजॉर्ट औली में भी जमकर बर्फबारी हुई है.
चकराता में बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे पर्यटक
चकराता में सीज़न की पहली बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ी. सड़कों पर लंबा जाम भी लगा. पर्यटकों के वाहन जहां तहां फंसे रहे लेकिन जाम के बीच भी पर्यटकों की मौज-मस्ती जारी रही.
वहीं, गंगोत्री यमुनोत्री धाम सहित आस-पास के इलाके पूरी तरह से बर्फ के आगोश में समा गए हैं. उत्तरकाशी जनपद में हो रही भारी बर्फबारी के कारण पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ-साथ इस बार निचले इलाकों में भी अभूतपूर्व बर्फबारी देखने को मिल रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
भारी हिमपात के चलते गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग गंगनानी के पास से पूरी तरह बंद हो गया है. वहीं, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग हनुमान चट्टी से आगे अवरुद्ध है. इसके अलावा फुलचट्टी–धरासू मार्ग भी रॉडि टॉप के पास पूरी तरह बंद हो गया है. मार्गों के बंद होने से जगह-जगह वाहन फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन और राहत टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं.
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