पर्यटन सीजन में नैनीताल पुलिस के हाथ से फिसलती ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए आखिरकार अर्धसैनिक बल को मैदान में उतारना पड़ा है. विश्वप्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम और पर्यटन नगरी नैनीताल में उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि अब सड़कों पर ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी एसएसबी के जवानों को भी देनी पड़ गई है.
वीकेंड और छुट्टियों के दौरान नैनीताल, भवाली और कैंची धाम में घंटों लंबे जाम से हालात लगातार बिगड़ रहे थे. सड़कें वाहनों से पट चुकी थीं और पुलिस बल दबाव में नजर आ रहा था. ऐसे में शासन ने पहली बार नैनीताल जिले में पैरामिलिट्री फोर्स एसएसबी की तैनाती का बड़ा फैसला लिया है. अब एसएसबी के जवान पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ट्रैफिक कंट्रोल की कमान संभालेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद फैसला
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पर्यटन सीजन में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बल उपलब्ध कराया है. ये अर्धसैनिक बल आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आया हुआ है.
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से प्रशिक्षित इस बल को विभिन्न पर्यटक स्थलों में आतंकवादी विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए लगाया जाता है. जिसके बाद एसएसबी की दो कंपनियां नैनीताल और भवाली क्षेत्र में तैनात की गई हैं. तीन प्लाटून जवानों को तल्लीताल, मल्लीताल, भवाली, रामनगर और कैंची धाम जैसे सबसे ज्यादा भीड़ वाले हॉटस्पॉट्स पर लगाया गया है.
अब ये जवान पूरे पर्यटन सीजन के दौरान जाम खुलवाने, यातायात को सुचारू रखने और लाखों श्रद्धालुओं-पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करने में पुलिस की मदद करेंगे. पुलिस प्रशासन का दावा है कि जरूरत पड़ने पर डायवर्जन प्लान भी तत्काल लागू किया जाएगा, ताकि नैनीताल और कैंची धाम की सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप न होने पाए.
लीला सिंह बिष्ट