उत्तराखंड का प्रसिद्ध केदारनाथ धाम इस समय बर्फ की मोटी चादर में ढका हुआ है. सीजन की भारी बर्फबारी ने यहां का नजारा बेहद मनमोहक बना दिया है. मंदिर प्रांगण में घुटनों तक बर्फ जमी हुई है. धाम के सभी पैदल रास्ते पूरी तरह बर्फ से ढक चुके हैं. यहां लगभग 4 फीट तक बर्फ गिर चुकी है, जिससे बाबा केदारनाथ की नगरी सफेद चादर में लिपटी हुई दिखाई दे रही है.
शुक्रवार को केदारनाथ धाम के अलावा अन्य ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भी जमकर बर्फबारी हुई. इस बर्फबारी ने न केवल धार्मिक स्थल की सुंदरता को बढ़ा दिया है बल्कि आसपास के पर्यटन स्थलों को भी जन्नत जैसा रूप दे दिया है.
शिव‑पार्वती के विवाह स्थल माने जाने वाले त्रियुगीनारायण में भी कल जमकर बर्फबारी हुई थी. आज मौसम साफ होने के बाद यहां का नजारा और भी आकर्षक हो गया है. चारों ओर बर्फ की सफेद परत जमी हुई है, जिसने यहां की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा दिया है.
इसी तरह रुद्रप्रयाग जिले का बधानीताल भी बर्फ से ढक गया है. ताल के चारों ओर जमी बर्फ उसकी सुंदरता को और निखार रही है.
देहरादून में पर्यटकों की भीड़
देहरादून के मशहूर पर्यटन स्थल चकराता में भी सीजन की पहली बर्फबारी ने इलाके की खूबसूरती में चार‑चांद लगा दिए हैं. आसमान से गिरती बर्फ की सफेद चादर ने पहाड़ों को जन्नत जैसा रूप दे दिया. बर्फबारी की खबर फैलते ही पर्यटकों का सैलाब चकराता की ओर उमड़ पड़ा है. भारी भीड़ के कारण चकराता जाने वाले मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया और जगह‑जगह वाहनों की कतारें देखी जा रही है. हालांकि जाम और ठंड ने पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ाईं, लेकिन उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ है.
प्रवीण सेमवाल