उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार देर रात पुलिसिंग और अनुशासन के बीच एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई. राजपुर रोड स्थित 'रोमियो लेन' बार में निर्धारित समय सीमा (रात 12 बजे) के बाद भी शराब परोसी जा रही थी और तेज संगीत बज रहा था. जब पुलिस की टीम कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां खुद आईजी गढ़वाल की मौजूदगी ने मामले को पेचीदा बना दिया.
दरअसल, ब्रिगेडियर जोशी हत्याकांड के बाद देहरादून पुलिस 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत नाइट क्लबों और बारों पर सख्ती बरत रही है. शनिवार रात करीब 1:00 बजे सूचना मिली कि रोमियो लेन बार अब भी खुला है. एसपी सिटी प्रमोद कुमार भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और बार खाली कराने लगे.
आईजी के दखल का आरोप
आरोप है कि वहां मौजूद आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने पुलिस की इस कार्रवाई के बीच हस्तक्षेप किया. इसके बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई रुक गई. मामला जब देहरादून कप्तान (SSP) प्रमोद डोभाल तक पहुंचा, तो वे खुद मौके पर आए और सख्ती दिखाते हुए बार को तुरंत बंद करवाया.
IG राजीव स्वरूप की सफाई
इस मामले पर 'आजतक' से बातचीत में आईजी राजीव स्वरूप ने लेट नाइट पार्टी के आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा: "मैं अपने परिवार के साथ उस क्षेत्र से गुजर रहा था. मैंने वहां एक साथ 7 थानों की पुलिस और भारी फोर्स तैनात होने पर नाराजगी जताई थी कि इतने स्टाफ की वहां क्या जरूरत है? मेरे बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है."
पुलिस मुख्यालय ने लिया कड़ा संज्ञान
मीडिया में खबरें आने के बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया है. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने आईजी गढ़वाल और एसएसपी देहरादून से अगले 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके.
ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या के बाद शहर में बढ़ती सख्ती के बीच इस तरह की घटना ने विभाग की छवि और आपसी तालमेल पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.
क्या है ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड?
30 मार्च को मसूरी रोड पर जोहड़ी गांव में तुला अपार्टमेंट निवासी ब्रिगेडियर मुकेश जोशी (74) सोमवार सुबह सैर पर निकले थे जहां फार्च्यूनर और स्कॉपियो कार में सवार दो गुटों के बीच गोलीबारी हो गयी और इसी दौरान गोली लगने से पूर्व सैन्य अधिकारी की मौत हो गई थी. इस घटना में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
अंकित शर्मा