UP: शिवपाल यादव के 'बीजेपी प्रेम' की अटकलों के बीच अखिलेश ने की मुलायम सिंह से मुलाकात

शिवपाल यादव की नाराजगी के बीच अखिलेश यादव ने अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की है. क्या बात हुई ये स्पष्ट नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस मुद्दे पर भी चर्चा रही है.

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अखिलेश की मुलायम सिंह यादव से मुलाकात अखिलेश की मुलायम सिंह यादव से मुलाकात

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 03 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 7:58 AM IST
  • विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाए गए शिवपाल
  • चुनाव प्रचार के दौरान भी नहीं मिला पूरा सम्मान

उत्तर प्रदेश चुनाव में हार के बाद से ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार की दूरियां फिर जगजाहिर होती दिख रही हैं. शिवपाल यादव का तो बीजेपी को लेकर दिख रहा झुकाव कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है. अब इन तमाम अटकलों के बीच अखिलेश यादव ने अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की है.

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शिवपाल यादव के बीजेपी जाने की अटकलों के बीच आज अखिलेश यादव ने दिल्ली में मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की. अखिलेश शनिवार को दिल्ली में डीएमके के कार्यालय उद्घाटन समारोह में आए थे. सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच शिवपाल को लेकर भी चर्चा हुई. सहारनपुर से सपा के टिकट पर चुनाव जीते आशु मालिक भी मौजदू रहे.

अब मुलायम-अखिलेश में क्या बातचीत हुई, ये अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जैसी राजनीतिक उठापठक देखने को मिल रही है, उसे देखते हुए इस मुलाकात के मायने काफी ज्यादा बढ़ गए हैं. इस समय शिवपाल यादव सपा और अखिलेश यादव से खासा नाराज नजर आ रहे हैं. उनके पास  इस नाराजगी के कई कारण भी मौजूद हैं. सबसे बड़ा तो ये रहा कि उन्हें विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया गया. वो सपा की टिकट पर ही जसवंतनगर से जीतकर आए थे, लेकिन विधायक दल की बैठक में उन्हें जगह नहीं मिली.

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इन सब के अलावा शिवपाल यादव अपने लिए नेता प्रतिपक्ष का पद चाहते थे, चुनाव जीते थे तो अपनी उम्मीदवारी को और ज्यादा मजबूत मान रहे थे. लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी और अखिलेश यादव ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. ऐसे में सपा में अपना कद कम होता देख शिवपाल यादव के अगले कदम पर सभी की नजर है. सीएम योगी से मुलाकात हो चुकी है, ऐसे में बीजेपी संग उनकी करीबियां जरूर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन रही हैं, लेकिन खुद शिवपाल अभी के लिए इसे एक शिष्टाचार भेंट मानकर चल रहे हैं.

वैसे इस सब के बीच अखिलेश यादव की मुलायाम सिंह से जो मुलाकात हुई है, उसने एक बार फिर पार्टी संस्थापक पर ही पार्टी को एक करने की जिम्मेदारी दे दी है. 2022 के चुनाव से पहले मुलायम के कहने पर शिवपाल, अखिलेश संग साथ आए थे. प्रचार भी किया और सपा टिकट पर चुनाव भी लड़ लिए, लेकिन अब जब फिर वो बागी तेवर दिखा रहे हैं, मुलायम सिंह यादव की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है.

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