UP: अवैध धर्मांतरण और रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी के 4 आरोपियों की जमानत नामंजूर

यूपी एटीएस कोर्ट ने अवैध धर्मांतरण और रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी समेत अन्य मामलों के 4 आरोपियों की जमानत नामंजूर हो गई है. बता दें कि इसमें एक आरोपी एक लाख का इनामी भी है.

Advertisement
इन चारों आरोपियों की जमानत कोर्ट ने नामंजूर कर दी है इन चारों आरोपियों की जमानत कोर्ट ने नामंजूर कर दी है

संतोष शर्मा

  • लखनऊ ,
  • 12 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 11:04 PM IST
  • एक आरोपी एक लाख का इनामी है
  • अवैध धर्मांतरण के 2 आरोपी हैं

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी के मामले में 4 आरोपियों की जमानत नामंजूर हो गई है. बता दें कि इन आरोपियों को यूपी ATS ने गिरफ्तार किया था. बता दें कि अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार कौसर आलम और धीरज जगताप की जमानत अर्जी नामंजूर की गई है. वहीं प्री-एक्टिवेटेड सिम मामले में गिरफ्तार एक लाख के इनामी आरोपी अब्दुल रज्जाक की जमानत अर्जी भी कोर्ट ने नामंजूर कर दी है.

Advertisement


बता दें कि जिनकी जमानत नामंजूर हुई है उसमें फर्जी दस्तावेजों से बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी करने वाले सिंडिकेट में शामिल शेखावत खान उर्फ गोलक भी है. यूपी एटीएस कोर्ट ने एक साथ चार आरोपियों की जमानत अर्जी नामंजूर की है.

बता दें कि इससे पहले यूपी एटीएस ने बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या को जाली दस्तावेजों से भारतीय नागरिकता दिलाने और मानव तस्करी रैकेट से जुड़े सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया था. यूपी एटीएस ने लखनऊ रेलवे स्टेशन से मोहम्मद रफीक को गिरफ्तार किया है. रफीक यूपी की जेलों में बंद रोहिंग्याओं की जमानत करवाता था. 

यूपी एटीएस ने लखनऊ रेलवे स्टेशन से मोहम्मद रफीक उर्फ रफीक उल इस्लाम को गिरफ्तार किया था. वह म्यांमार का रहने वाला है. लेकिन अवैध तरीके से बॉर्डर पार कर पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में रह रहा था. उसने फर्जी दस्तावेजों से भारत की नागरिकता हासिल की. 

Advertisement

इसके बाद से रफीक हैदराबाद की मीट फैक्ट्री में काम कर रहा था. यहां वह रफीक मोहम्मद नूर के संपर्क में आया. इसके बाद रफीक यूपी और अन्य राज्यो की जेलों में बंद रोहिंग्याओं की जमानत कराने लगा. आरोप है कि रफीक जेल में बंद रोहिंग्या नागरिक के परिजनों से पैसा लेकर वकील की मदद से जमानत करवाता था. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »