समाजवादी पार्टी और यादव परिवार में मची हलचल के लिए बार-बार अमर सिंह को जिम्मेदार ठहराया जाता है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी एक बैठक में उन्हें पूरे विवाद के लिए जिम्मेदार ठहरा चुके हैं और उन्हें दलाल तक कह दिया.
अब लखनऊ की सड़कों पर एक पोस्टर लगाकर उनको निशाना बनाया गया है. पोस्टर में अमर सिंह की तुलना कुत्ते की गई है. इसमें उन्हें बीजेपी का एजेंट बताया गया है. पोस्टर में अमर सिंह की तरफ से लिखा है कि मैं घर तोड़ने में माहिर हूं. सपा सर्मथकों की तरफ से ये पोस्टर लगाया गया है.
पोस्टर में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रनेता और आगर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ महामंत्री का फोटो है. इस पोस्टर से विवाद और बढ़ने के आसार हैं.
दलाल कहे जाने पर अमर सिंह ने कहा था कि अखिलेश को छोटे से देख रहा हूं. मेरे गोद में खेला है. मुझे अंकल बोलता था. अगर उसे लगता है कि मैंने अखबार में खबर छपवाई है तो एक बार फोन करके मुझसे पूछ लेता कि अंकल क्या मामला है. अमर सिंह ने खुद को इस झगड़े का जिम्मेदार नहीं माना. अमर सिंह ने कहा कि मैं इसमें नहीं हूं. बाप और बेटे में झगड़ा लगाकर मुझे क्या मिलेगा. अखिलेश को समझना होगा कि मुलायम जैसे उनके पिता हैं, समाजवादी पार्टी के भी वो पिता हैं.
अमर सिंह का बचाव करते हुए मुलायम सिंह ने कहा था कि अमर सिंह मेरा भाई है. अमर सिंह ने कई बार हमारी मदद की. अमर सिंह नहीं होते तो मुझे 7 साल की जेल हो जाती. शिवपाल और अमर सिंह के खिलाफ नहीं सुन सकता. मैं और शिवपाल कभी अलग नहीं हो सकते.
लव रघुवंशी