पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला टला, तेलंगाना हाईकोर्ट ने पत्नी के पते पर उठाए सवाल

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैसला टाल दिया है. सुनवाई में कोर्ट ने उनकी पत्नी कोटा नीलिमा के पते को लेकर सवाल उठाए और नया आधार कार्ड पेश करने को कहा. यह मामला हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है.

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गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है (File Photo- PTI) गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है (File Photo- PTI)

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:55 PM IST

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को तेलंगाना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हालांकि कोर्ट ने तत्काल राहत देने के बजाय अपना आदेश शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया. यह मामला असम सीएम हिमंता से जुड़ा है. इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अहम कानूनी बिंदु उठाया, जिसने मामले को और जटिल बना दिया है.

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दरअसल, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में उनकी पत्नी कोटा नीलिमा का पता दिल्ली का बताया गया है. इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब स्थायी पता दिल्ली का है, तो फिर तेलंगाना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का आधार क्या है. इसी को लेकर कोर्ट ने (ज्यूरिस्डिक्शन पर स्पष्टता मांगी.

कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में कोटा नीलिमा (खेड़ा की पत्नी) का नवीनतम आधार कार्ड पेश किया जाए, ताकि यह साफ हो सके कि उनका वर्तमान निवास कहां है और याचिका इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आती है या नहीं.

मामला क्या है?

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए. खेड़ा ने दावा किया कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति है, जिसका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया.

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इन आरोपों को सरमा परिवार ने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताया. इसके बाद रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया.

पुलिस की कार्रवाई और सियासी बयानबाजी

मामला दर्ज होने के बाद असम पुलिस की एक टीम दिल्ली स्थित खेड़ा के आवास पर पूछताछ के लिए पहुंची थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे. पुलिस ने घर की तलाशी ली और कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा किया. इसी बीच, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना जांच किए आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस खेड़ा को पाताल से भी ढूंढ निकालेगी.

वहीं, पवन खेड़ा ने एक वीडियो संदेश जारी कर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने सिर्फ सवाल पूछे थे और सरकार जवाब देने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि वह पुलिस से डरते नहीं हैं.

अपनी अग्रिम जमानत याचिका में खेड़ा ने कोर्ट से कहा है कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने अदालत से अपील की है कि गिरफ्तारी से पहले उन्हें जमानत दी जाए.

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