बंगाल में बीजेपी विधायक की मौत पर विवाद, राष्ट्रपति से मिला पार्टी डेलिगेशन

पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक देबेंद्र नाथ रे की संदिग्ध हालत में मौत पर बवाल बढ़ता जा रहा है. बंगाल बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की.

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राष्ट्रपति से मिला बीजेपी का डेलिगेशन राष्ट्रपति से मिला बीजेपी का डेलिगेशन

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

  • MLA देबेंद्र नाथ रे की मौत का मामला
  • बीजेपी ने लगाया है हत्या का आरोप

पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक देबेंद्र नाथ रे की संदिग्ध हालत में मौत पर बवाल बढ़ता जा रहा है. बंगाल बीजेपी ने आज 12 घंटे का बंद बुलाया. इस बीच बंगाल बीजेपी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और बंगाल की कानून व्यवस्था के हालात पर ज्ञापन सौंपा. बीजेपी डेलिगेशन की तरफ से सीबीआई जांच की मांग भी की गई है.

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बीजेपी के ज्ञापन में लिखा गया है, ''पश्चिम बंगाल राजनीतिक हिंसा से जूझ रहा है. साथ ही पिछले कुछ दशक में हत्याएं भी हो रही हैं. पिछले तीन साल में 105 बीजेपी कार्यकर्ताओं या समर्थकों की सत्ताधारी दल के गुंडों द्वारा क्रूरता से हत्या कर दी गई.'' राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अब बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय शाम 4.30 बजे गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे.

इससे पहले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि ममता बनर्जी के राज में भाजपा नेताओं की हत्या का दौर थम नहीं रहा. सीपीएम छोड़ भाजपा में आए हेमताबाद के विधायक देबेंद्र नाथ रे की हत्या कर दी गई. उनका शव फांसी पर लटका मिला. क्या इनका गुनाह सिर्फ भाजपा में आना था?

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि लोकतंत्र को कैसे कुचला जाता है पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इसका जीवंत उदाहरण है. राजनीतिक मतभेदों को हिंसक तरीके से दबाया जा रहा है, लेकिन लोकतंत्र का ये माखौल ज्यादा दिन का नहीं है. आखिर ममता राज का फैसला तो जनता ही करेगी.

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क्या है पूरा मामला

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक को सोमवार को उत्तर दिनाजपुर जिले में उनके गांव में फांसी पर लटका पाया गया. घटना हेमताबाद इलाके के बिंदाल में हुई. विधायक देबेंद्र नाथ रे 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे. वह रहस्यमय तरीके से एक स्थानीय बाजार के पास अपने घर से कुछ मीटर की दूरी पर लटके पाए गए.

देबेंद्र नाथ रे 2016 में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के टिकट पर चुना गया था. हालांकि, रे के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनकी राजनीति से ताल्लुक रखने के कारण उनकी हत्या की गई है और इस मामले की पूरी जांच करने की मांग की है.

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