गोरक्षकों पर बयान का पीएम सबूत दें या माफी मांगेः स्वामी चक्रपाणि

गोरक्षकों और दलितों पर दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर हिंदू महासभा ने सख्त नाराजगी जताई है. महासभा ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर गोरक्षकों को फर्जी बताने पर सबूत की मांग की है.

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हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी

केशव कुमार / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST

गोरक्षकों और दलितों पर दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर हिंदू महासभा ने सख्त नाराजगी जताई है. महासभा ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर गोरक्षकों को फर्जी बताने पर सबूत की मांग की है.

गोरक्षकों पर प्रधानमंत्री के बयान से नाराज हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी से खास बातचीत-

सवाल - प्रधानमंत्री का जो बयान है कि 80 प्रतिशत गोरक्षक फर्जी हैं. गोरक्षा के नाम पर धंधा करते हैं. वीएचपी नाराज है, काफी लोग नाराज हैं. बयान को आप किस ढंग से देखते हैं? स्वामी जी कि लिस्ट जारी करनी चाहिए.

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चक्रपाणि - देखो, हमने कल प्रधानमंत्रीजी को पत्र लिख कर जवाब मांगा है कि आपने जो कहा है कि 70-80 परसेंट जो गोरक्षक हैं, अराजक हैं. आप उसका प्रमाण दीजिए, सबूत दीजिए. कौन सी एजेंसी है, जिसने आपको रिपोर्ट दी है. शुरू से हम गोभक्त हैं. गोपूजा करते हैं. गाय में सभी देवी-देवता निवास करते हैं. किसी भी आश्रम में जाइए. उन आश्रमों में साधु-संत समाज भूखे रहता है, लेकिन गाय को भूखा रहने नहीं देता है.

अब जयपुर गोशाला में देखिए दो से ढ़ाई करोड़ हरेक महीना वहां मिलता है. वहां पर गाय बिना पानी पिए, बिना खाना खाए दलदल में मर गई. इतनी कुव्यवस्था, उनको क्रोध तो वहां की सरकार पर आनी चाहिए. वहां बीजेपी की सरकार की है. केंद्र में बीजेपी है. लेकिन दिया है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बयान है. हम इस बात की घोर निंदा करते हैं. देश के सामने उसको लाना चाहिए कि किस आधार पर उन्होंने यह बयान दिया. उनको अपने शब्द वापस लेने चाहिए और देश के सामने माफी मांगनी चाहिए.

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सवाल - इस बात को कैसे आप आगे लेकर जाएंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री ने लगातार दो दिन यह बात कही है?
चक्रपाणि - देखिए, जो बयान दिया है कि हमको गोली मार दो. दलितों को मत मारो. यह इतना चीप बयान है. आप देखो गोरक्षक की कोई जाति नहीं होती है. हिंदू, मुस्लिम, सिख सभी लोग गोरक्षा करते हैं. गोरक्षा होती है. देखें जिस पिंक रिवोल्यूशन को लेकर वोट मांगा था कि हम को प्रधानमंत्री बनाइए, हम गोरक्षा कानून बनाएंगे. कहां तो हमको लग रहा था कि गोरक्षा को लेकर केंद्रीय कानून बनेगा, लेकिन इन्होंने 80 परसेंट गोरक्षकों को ही समाज में विवादित कर दिया. ऐसे तो गोरक्षकों को अपराधी की निगाह से देखा जाएगा, देखा जा रहा है.

सवाल- प्रधानमंत्रीजी ने ऐसा क्यों बयान दिया?
चक्रपाणि- हमको लगता है कि काफी दिनों तक वह संघ में रहे हैं. जो शहीद भक्त गोरक्षक होता है, वह कभी गायों को मरने नहीं देता. मुझको लगता है कि तथाकथित गोरक्षकों के साथ रहे हैं. संघ और बीजेपी हमेशा राम मंदिर, गोरक्षा की बात करते हैं, लेकिन काम नहीं करते. क्योंकि संघ में रहे हैं तो इनका अनुभव रहा है. तो हो सकता है कि 80 परसेंट संघ और बीजेपी के लोग इसमें शामिल हो जो . तो यह जानते होंगे कि वो रात को क्या करते हैं. क्योंकि उनके साथ रहे हैं. इसलिए अपना अनुभव बोल चुके हैं. इसलिए मैंने उन्हें जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया है. हो सकता उसमें वह रिपोर्ट दें. उन्हें देश के सामने इसका रिपोर्ट रखना चाहिए.

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