AIIMS भुवनेश्वर भर्ती घोटाले में CBI की छापेमारी, फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने का आरोप

CBI ने बुधवार को AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती घोटाले की जांच के लिए छापा मारा. आरोप है कि पांच लोगों ने गाजियाबाद और गोरखपुर के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थायी नौकरी हासिल की. CBI ने इस मामले में 27 कर्मचारियों से पूछताछ की और कई दस्तावेजों की जांच की.

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CBI ने AIIMS भुवनेश्वर में छापा मारा CBI ने AIIMS भुवनेश्वर में छापा मारा

अजय कुमार नाथ

  • भुवनेश्वर,
  • 19 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:52 PM IST

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भुवनेश्वर में भर्ती घोटाले की जांच को लेकर आज केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने छापेमारी की. CBI की टीम सुबह AIIMS पहुंची और 27 कर्मचारियों से पूछताछ की. 

सूत्रों के अनुसार, 2023 और 2024 के दौरान पांच लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्थायी नौकरी प्राप्त की थी. इन सभी ने गाजियाबाद और गोरखपुर के फर्जी निवास प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल किया था. इनकी नियुक्ति सैनिटरी इंस्पेक्टर और रिकॉर्ड क्लर्क जैसे पदों पर हुई थी.

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भुवनेश्वर AIIMS में सीबीआई की रेड 

ये सभी पहले आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए अनुबंध पर काम कर रहे थे. घोटाले का मास्टरमाइंड स्मृतिरंजन कर को बताया जा रहा है, जो इसी आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़ा हुआ था. CBI ने कर और उसके परिवार के पांच सदस्यों की स्थायी भर्ती प्रक्रिया की गहराई से जांच की.

हालांकि, CBI ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. लेकिन AIIMS भुवनेश्वर में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले मार्च 2023 में भी CBI ने दवा दुकान के टेंडर घोटाले को लेकर छापा मारा था.

फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने का आरोप

AIIMS भुवनेश्वर में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण इस घोटाले को लेकर भी जांच तेज हो गई है. बता दें, सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी स्मृति रंजन कर को पहले ही हिरासत में ले लिया है. आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी के माध्यम से अपने परिवार के पांच सदस्यों की एम्स भुवनेश्वर में स्थायी नियुक्ति में मदद की. सीबीआई ने अभी तक कथित घोटाले और इस छापेमारी पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

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