बंगाल में बवाल: डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर SC में जनहित याचिका

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट से प्रत्येक सरकारी अस्पताल में सरकारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के लिए निर्देश देने की मांग की है और सख्त दिशा-निर्देशों के निर्माण की भी मांग की.

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सुप्रीम कोर्ट (फोटो- ललित मोहन जोशी) सुप्रीम कोर्ट (फोटो- ललित मोहन जोशी)

संजय शर्मा / अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2019,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट से प्रत्येक सरकारी अस्पताल में सरकारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के लिए निर्देश देने की मांग की है और सख्त दिशा-निर्देशों के निर्माण की भी मांग की.

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म करवाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शीर्ष डॉक्टरों के पैनल से मुलाकात भी हुई है. यह मीटिंग कोलकाता में हुई.

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इससे पहले पश्चिम बंगाल में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया. हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार को कहा है कि वह तुरंत हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से बातचीत करे और मामले को सुलझाए. जिसके बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता खुद डॉक्टरों से बातचीत के लिए पहुंची. वहीं हाईकोर्ट ने ममता सरकार से पूछा कि उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं.

क्या है मामला?

दरअसल, 10 जून को नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां दीं. इसके बाद डॉक्टरों का कहना है कि जब तक परिजन उसे माफी नहीं मांगते तब तक वो प्रमाण पत्र नहीं देंगे.

इस मामले में फिर हिंसा भड़की और कुछ देर बाद हथियारों के साथ भीड़ ने हॉस्टल में हमला कर दिया. इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए जबकि कई और को भी चोटें आईं. वहीं जब ममता बनर्जी ने हड़ताल वाले डॉक्टरों की निंदा की तो मामला तूल पकड़ता गया. NRS कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल अभी तक इस मामले में अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं.

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