आधार पर सुप्रीम कोर्ट से राहत, अब 31 मार्च तक बैंक खाते-मोबाइल नंबर कर सकेंगे लिंक

सरकार ने अभी तक आधार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने को लेकर कुल 139 अधिसूचनाएं जारी की है, जिसमें इसे मनरेगा से लेकर पेंशन योजना और प्रोविडेंड फंड से लेकर प्रधानमंत्री जन धन योजना तक को जोड़ने का निर्देश दिया गया है.

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संजय शर्मा / अनुषा सोनी

  • नई दिल्ली,
  • 15 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी विभिन्न अधिसूचनाओं में आधार को विभिन्न योजनाओं जैसे छात्रों द्वारा दी जानेवाली परीक्षा, छात्रवृत्ति, अंतिम संस्कार और एचआईवी मरीजों के इलाज के लिए अनिवार्य बनाने के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई की. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट  ने आम आदमी को बड़ी  राहत देते हुए आधार को लिंक करने की डेडलाइन 31 मार्च  तक बढ़ा दी है. आधार की वैधता को लेकर 17 जनवरी से सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.

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बिना आधार खोल सकेंगे बैंक अकाउंट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नये बैंक खाते बिना आधार कार्ड के खोले जा सकते हैं. हालांकि बैंक खाते खुलवाने को ये जरूर बताना हेागा कि उसने आधार कार्ड हासिल करने के लिए अप्लाई कर दिया है.

मोबाइल नंबर लिंक करने के लिए भी मिला समय

सुप्रीम कोर्ट ने भी ये साफ किया है कि मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने की प्रक्रिया पर भी उसका ये फैसला लागू होगा. इसका मतलब यह है कि अब मोबाइल नंबर को भी 31 मार्च तक लिंक करने का समय मिल गया है. बता दें कि पहले इसके लिए 6 फरवरी की डेडलाइन तय थी.

सरकार ने अभी तक आधार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने को लेकर कुल 139 अधिसूचनाएं जारी की है, जिसमें इसे मनरेगा से लेकर पेंशन योजना और प्रोविडेंड फंड से लेकर प्रधानमंत्री जन धन योजना तक को जोड़ने का निर्देश दिया गया है.

बढ़ गई है डेडलाइन

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही केंद्र सरकार  बैंक खातों समेत अन्य कई योजनाओं के लिए आधार कार्ड ल‍िंक करने की डेडलाइन को 31 मार्च  तक बढ़ा चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने इस मामले में राहत की मांग को लेकर गुरुवार और शुक्रवार को सुनवाई की. इसमें विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने आधार को निजता के अधिकार का मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी, जिस पर नियमित सुनवाई अगले साल 10 जनवरी से शुरू होगी.

अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि नए बैंक खाता खोलने के लिए आधार को जोड़ने की अनुमति दी जाए. वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि किसी वर्तमान खाता धारक द्वारा नए खाता धारक के परिचय की प्रणाली पिछले सात दशकों से चल रही है, तो अगले तीन महीनों तक इसे जारी रखने की अनुमति देने से कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा.

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