राज्यवर्धन सिंह राठौर और पीयूष गोयल ने तिरंगा यात्रा में उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल तिरंगा यात्रा लेकर जयपुर के पास धानक्या गांव पहुंचे थे. धान्क्या गांव के रेलवे स्टेशन पर ही दीन दयाल उपाध्याय का अपने नाना के घर लालन-पालन हुआ था. दीन दयाल उपाध्याय के नाना धानक्या रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर थे.

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ट्रैफिक नियमों को ठेंगा दिखाते केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर और पीयूष गोयल ट्रैफिक नियमों को ठेंगा दिखाते केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर और पीयूष गोयल

शरत कुमार / रोहित गुप्ता

  • जयपुर,
  • 16 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 9:03 PM IST

जयपुर में तिरंगा यात्रा में केंद्रीय मंत्रियों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम बीजेपी समर्थकों के साथ बिना हेलमेट पहने बाइक रैली निकाली. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर बाइक चला रहे थे और उर्जा मंत्री पीयूष गोयल पीछे बैठे थे. इनके साथ सैंकडों बीजेपी कार्यकर्ता थे, जो बिना हेलमेट लगाए लगातार बाइकों पर झूम रहे थे और नारे लगा रहे थे.

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मंत्रियों ने तो तिरंगे के रंग की पगड़ी भी पहन रखी थी मगर मंत्रियों के आगे पीछे चलनेवाले ने वो भी नहीं लगा रखी थी. इनके साथ-साथ पुलिस के अधिकारी भी सुरक्षा में चल रहे थे मगर भला जब केंद्रीय मंत्री ही कानून को ठेंगा दिखाने की गुस्ताखी कर रहे हों तो पुलिसवाले क्या करते. इनके कानून का डंडा तो बस आम लोगों पर पड़ता है. ये तो कानून तोड़नेवालों की जी हुजूरी में लगे हुए थे.

पीयूष गोयल ने दी ये सफाई
दरअसल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल लेकर जयपुर के पास धानक्या गांव पहुंचे थे. धान्क्या गांव के रेलवे स्टेशन पर ही दीन दयाल उपाध्याय का अपने नाना के घर लालन-पालन हुआ था. दीन दयाल उपाध्याय के नाना धानक्या रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर थे. ये गांव केंद्रीय राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के चुनाव क्षेत्र जयपुर ग्रामीण लोकसभा में आता है. राठौर ने ही ये बाइक रैली आयोजित की थी. इस मामले में जब आज तक ने पीयूष गोयल से पूछा तो वो बोले कि हमें तो राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि राजस्थान में साफा पहनने पर हेलमेट नहीं पहनने की छूट है. इस बारे में उन्होंने दोबारा राठौर से पूछा तो वो जवाब नहीं मिला और सीधे अंदर कमरे में चले गए.

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पुलि‍स ने दिखाई बेबसी
पायलट में तैनात एएसआई जेठाराम का कहना है कि सब साफा पहने तो क्या करता. ये काम ट्रैफिक पुलिसवालों का है हमारा नहीं. उधर कानून के जानकारों का कहना है कि साफा शौक और शोभा की चीज है. इसके पहनने पर मोटर व्हीकल एक्ट में हेलमेट नहीं पहनने की छूट का कोई प्रावधान नहीं है. जबकि नाम न बताने की शर्त पर पुलिस के आला अधिकारियों ने कहा कि वहां पर कानून का उल्लंघन तो हुआ है लेकिन राज्य सरकार के निर्देश के बिना हम कोई कार्रवाई नहीं कर पाएंगे.

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