हरियाणा में 6 साल में 18000 लोगों की हार्ट अटैक से मौत... सरकार ने विधानसभा में किया खुलासा

हरियाणा विधानसभा में खुलासा हुआ कि जनवरी 2020 से जनवरी 2026 तक 18 से 45 साल की उम्र के लगभग 18,000 लोगों की मौत हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से हुई है. सरकार ने सदन में कांग्रेस के एक विधायक के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.

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हार्ट अटैक के आंकड़ों पर हरियाणा सरकार ने दिया जवाब. (Photo: Representational) हार्ट अटैक के आंकड़ों पर हरियाणा सरकार ने दिया जवाब. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:13 AM IST

हरियाणा विधानसभा में बुधवार को सामने आया कि जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के बीच करीब 18,000 लोगों की मौत हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से हुई. इनमें मरने वालों की उम्र 18 से 45 साल थी. यह जानकारी राज्य सरकार ने कांग्रेस के एक विधायक के सवाल के जवाब में दी.

एजेंसी के अनुसार, विधायक ने सवाल किया था कि 2020 से अब तक युवाओं (18-45 वर्ष) में हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर के कारण हुई मौतों का साल-दर-साल और जिलेवार आंकड़ा क्या है, और क्या सरकार ने यह जांच की है कि इन मौतों का कोविड-19 या कोविड-19 वैक्सीनेशन से कोई संबंध है. सरकार ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई सर्वे या स्टडी नहीं है. हालांकि, जिला स्तर से मिले डेटा के आधार पर मौतों की संख्या सामने आई है.

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साल-दर-साल मौतों का आंकड़ा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में युवाओं में दिल की बीमारी से हुई मौतों का सालाना विवरण इस प्रकार है-

  • 2020 में: 2,394 मौतें
  • 2021 में: 3,188 मौतें
  • 2022 में: 2,796 मौतें
  • 2023 में: 2,886 मौतें
  • 2024 में: 3,063 मौतें
  • 2025 में: 3,255 मौतें
  • जनवरी 2026 में: 391 मौतें

कुल मिलाकर, जनवरी 2020 से जनवरी 2026 तक 17,973 युवाओं की मौत हार्ट अटैक या फेलियर से हुई.

जिला स्तर पर आंकड़े

जिला स्तर पर स्थिति में काफी अंतर देखा गया. उदाहरण के लिए, यमुनानगर जिले में हर साल हुई मौतों की संख्या इस प्रकार रही.

  • 2020: 387
  • 2021: 461
  • 2022: 375
  • 2023: 378
  • 2024: 410
  • 2025: 389

वहीं, रोहतक जिले में यह संख्या काफी कम रही: 33, 41, 40, 27, 30 और 30. गुरुग्राम में सालाना मौतों की संख्या क्रमशः 113, 105, 116, 114, 93 और 83 रही. इस आंकड़े से स्पष्ट है कि कुछ जिलों में हार्ट अटैक से मौतों की दर दूसरों की तुलना में काफी अधिक है. 

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कोविड-19 और हार्ट अटैक: कोई स्टडी नहीं

विधायक के सवाल के जवाब में सरकार ने यह भी कहा कि यह नहीं पता कि इन मौतों का कोविड-19 या वैक्सीनेशन से कोई संबंध है, क्योंकि इस पर कोई स्टडी या सर्वे नहीं किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 इन्फेक्शन हृदय पर असर डाल सकता है, लेकिन इसे सीधे तौर पर मौतों से जोड़ने के लिए स्टडी की जरूरत है.

यह भी पढ़ें: अब 30 की उम्र से ही कंट्रोल करना होगा कोलेस्ट्रॉल! हार्ट अटैक रोकने के लिए एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी सलाह

हरियाणा में हार्ट अटैक से मौतें चिंताजनक हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान, स्मोकिंग और शराब का सेवन कारण हो सकते हैं. इसके अलावा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मोटापा भी जोखिम की वजह हो सकता है.

युवा वर्ग में हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. अक्सर लोग अपनी उम्र कम होने के कारण हृदय से जुड़ी समस्याओं की अनदेखी कर देते हैं, जबकि शुरुआती जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव से इन्हें रोका जा सकता है. विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि युवाओं को नियमित हृदय जांच करानी चाहिए, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी रखनी चाहिए, और संतुलित भोजन के साथ व्यायाम करना चाहिए.

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