CBI केस के बाद ED का एक्शन, पंजाब के पूर्व DIG हरचरण भुल्लर के ठिकानों पर रेड

ईडी ने पंजाब और चंडीगढ़ में पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर और उनके करीबियों के 11 ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच में भुल्लर की आय से अधिक संपत्ति होने का पता चला है. ED बेनामी संपत्तियों की पहचान और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटा रही है.

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ईडी ने भुल्लर के कई ठिकानों पर छापा मारा है. (Photo- ITGD) ईडी ने भुल्लर के कई ठिकानों पर छापा मारा है. (Photo- ITGD)

मुनीष पांडे

  • चंडीगढ़,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

ईडी ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने पंजाब पुलिस के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर और उनके करीबियों के ठिकानों पर रविवार को छापेमारी की है. ये कार्रवाई 'धन शोधन निवारण अधिनियम' (PMLA), 2002 के तहत की गई है.

दरअसल चंडीगढ़ CBI और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भुल्लर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. भुल्लर पर आरोप है कि उन्होंने एक आपराधिक मामले के निपटारे के लिए बिचौलिए के जरिए रिश्वत मांगी.

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इसके अलावा, जांच के दौरान उनकी आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति होने का भी पता चला है. ईडी ने भुल्लर, उनके करीबियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की है.

कहां-कहां छापेमारी?

ED ने पंजाब और चंडीगढ़ के कुल 11 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. ये तलाशी अभियान PMLA की धारा 17 के तहत चलाया गया. ईडी ने लुधियाना में 5 ठिकानों पर, चंडीगढ़ में 2 ठिकानों पर, पटियाला में 2 लोकेशन पर, नाभा और जालंधर में 1-1 ठिकानों पर छापा मारा है.

यह भी पढ़ें: भ्रष्टाचार पर बोलने का नैतिक हक खो चुकी बीजेपी, ईडी के सहारे राजनीति कर रही है: उद्धव ठाकरे

ED ये जानने की कोशिश कर रही है कि भ्रष्टाचार के जरिए कमाए गए पैसे को कहां और कैसे निवेश किया गया. ईडी बेनामी संपत्तियों की पहचान करने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुख्ता सबूत जमा करने में भी जुटी है.

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि अक्तूबर 2025 में DIG भुल्लर को CBI ने स्क्रैप डीलर आकाश भत्ता की शिकायत पर ट्रैप लगा गिरफ्तार किया था और 7 करोड़ कैश बरामद किया था. पिछले साल 16 अक्टूबर को भुल्लर और उनके बिचौलिए कृष्ण शारदा को गिरफ्तार किया था. अब भुल्लर चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद है. ED की रेड से भुल्लर से जुड़े और भ्रष्ट अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती है और नाम उजागर हो सकता है.

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