पंजाब: पठानकोट में ड्रोन उड़ाने पर लगी पाबंदी, 25KM के इलाके में लगा बैन

पंजाब के पठानकोट में सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन उड़ाने को लेकर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. इस पाबंदी के तहत बॉर्डर एरिया से 25 किलोमीटर और कैंट एरिया से 3 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही पठानकोट पुलिस भी पूर्ण रूप से सतर्क है. बता दें कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्‍तानी ड्रोन के देखे जाने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सतेंदर चौहान

  • चंडीगढ़,
  • 14 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

  • पठानकोट में ड्रोन उड़ाने को लेकर पूरी तरह पाबंदी
  • पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने बरामद किए कई ड्रोन

पंजाब के पठानकोट में सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन उड़ाने को लेकर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. इस पाबंदी के तहत बॉर्डर एरिया से 25 किलोमीटर और कैंट एरिया से 3 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही पुलिस भी पूर्ण रूप से सतर्क है. बता दें कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्‍तानी ड्रोन के देखे जाने के बाद पुलिस सर्तक हो गई है.

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ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे हथियार और नशे की खेप

पंजाब में बैठे नशा और हथियार तस्कर पिछले तीन-चार महीनों से उड़ाकर पाकिस्तान भेज रहे हैं. पाकिस्तान से ड्रोन, नशे और हथियारों की खेप लेकर भारत उतरते हैं. पंजाब पुलिस के मुखिया दिनकर गुप्ता का कहना है कि ड्रोन उड़ाना मुश्किल काम नहीं है, न ही ड्रोन खरीदना. ये छोटा उड़नखटोला आसानी से इंटरनेट पर मिल रहा है.

पिछले गुरुवार को अंबाला से गिरफ्तार किए गए आरोपी राहुल चौहान ने ओएलएक्स नाम की वेबसाइट से खराब ड्रोन खरीदा और उसे ठीक करवा कर दोबारा उसी साइट पर बेचा और जो पैसा आया उससे एक बड़ा ड्रोन खरीद कर पंजाब के ड्रग तस्कर को बेचा. पंजाब पुलिस के आला अधिकारी ड्रोन को देश की सुरक्षा के लिए खतरा तो मान रहे हैं, लेकिन उनको गिराने और पकड़ने के लिए पुलिस के पास न तो तकनीक ना ही जरूरी उपकरण मौजूद हैं.

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ड्रोन को नष्ट करने की तकनीक नहीं

पंजाब पुलिस प्रमुख ने स्वीकार किया है कि पंजाब पुलिस के पास फिलहाल ड्रोन को नष्ट करने की कोई तकनीक मौजूद नहीं है. हालांकि, वह दावा कर रहे हैं कि इस तकनीक को हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक यह तकनीक और उपकरण पुलिस या बीएसएफ के पास नहीं पहुंचते तब तक ड्रोन भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं.

गौरतलब है कि पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानी आतंकवादी संगठन पंजाब में आतंकवाद के जिन्न को फिर से जिंदा करने की फिराक में है. जिन ड्रोंस का इस्तेमाल ड्रग्स और हथियार भेजने के लिए किया जा रहा है, उनके जरिए कोई शक्तिशाली विस्फोटक पदार्थ भी भेजा जा सकता है.

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