सीट पर बवाल, विपक्ष का आरोप- राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में हुआ मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान

विपक्ष ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सीनियर नेता और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) का अपमान हुआ है. राज्यसभा और लोकसभा दोनों के विपक्षी सांसदों ने इसकी लिखित शिकायत दी है. इसपर केंद्र सरकार का बयान भी आ गया है.

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मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो) मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो)

मौसमी सिंह / अशोक सिंघल / सुप्रिया भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST
  • द्रौपदी मुर्मू ने आज राष्ट्रपति पद की शपथ ली
  • संसद भवन के सेंट्रल हॉल में हुआ था कार्यक्रम

राष्ट्रपति मुर्मू के शपथ ग्रहण कार्यक्रम पर अब हंगामा हो गया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान हुआ है. राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी लाइन में बैठने की सीट ऑफर हुई थी, जिसपर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने आपत्ति जताई है.

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सभी विपक्षी दलों ने राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू को इस बारे में जानकारी देते हुए पत्र लिखा है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी लोकसभा स्पीकर को इसकी जानकारी देते हुए पत्र लिख दिया है.

विपक्षी पार्टियों का कहना है कि जो स्थान मल्लिकार्जुन खड़गे को बैठने के लिए दिया गया वह उनकी पोजिशन के हिसाब से ठीक नहीं था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसपर कहा, 'आज राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के दौरान, राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ऐसे स्थान पर बैठाया गया जो उनकी पोजिशन के अनुरूप नहीं था.' जयराम रमेश ने आगे कहा कि सीनियर नेता के इस अपमान से हम हैरान हैं.

केंद्र सरकार की आई सफाई

आरोपों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री, प्रल्हाद वेंकटेश जोशी का बयान भी आया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के सेट प्रोटोकॉल के हिसाब से खड़गे को तीसरी लाइन में सीट दी गई थी. जबकि कोविंद के फेयरवेल कार्यक्रम में खड़गे को पहली लाइन में जगह मिली थी. प्रल्हाद वेंकटेश जोशी ने कहा कि विपक्ष इस मामले को जबरन मुद्दा बना रहा है.

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बता दें कि द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने उनको संसद के सेंट्रल हॉल में शपथ दिलाई. मुर्मू के रूप में देश को पहला आदिवासी राष्ट्रपति मिला है. 64 साल की मुर्मू भारतीय इतिहास की सबसे युवा प्रेसिडेंट भी हैं.

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