शरद पवार गुट को मिला नया नाम, राज्यसभा चुनाव में होगा इस्तेमाल

महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई है. शरद पवार गुट ने कुछ देर पहले ही चुनाव आयोग को नई पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न सौंपे थे. अब खबर है कि शरद पवार गुट को नया नाम मिल गया है. शरद पवार गुट की पार्टी का नया नाम 'एनसीपी शरद चंद्र पवार' होगा. चुनाव आयोग ने इसे मंजूरी दे दी है.

Advertisement
शरद पवार शरद पवार

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST

महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई है. शरद पवार गुट ने कुछ देर पहले ही चुनाव आयोग को नई पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न सौंपे थे. अब खबर है कि शरद पवार गुट को नया नाम मिल गया है. शरद पवार गुट की पार्टी का नया नाम 'एनसीपी शरद चंद्र पवार' होगा. चुनाव आयोग ने इसे मंजूरी दे दी है.

इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर थी कि शरद पवार गुट ने एनसीपी की कमान छिनने के बाद चुनाव आयोग के समक्ष नई पार्टी के तीन नए नाम और चुनाव चिह्न सौंपे थे. शरद पवार गुट ने चाय के कप के साथ-साथ सूर्यमुखी के फूल और उगते सूरज को चुनाव चिह्न के तौर पर अपनाने का प्रस्ताव रखा था. वही, नई पार्टी के नाम के तौर पर शरद पवार कांग्रेस, मी राष्ट्रवादी और शरद स्वाभिमानी पक्ष नाम से तीन विकल्प सुझाए थे.

Advertisement

बता दें कि चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट को नई पार्टी का नाम और निशान तय करने के लिए विकल्प सुझाने हेतु बुधवार शाम तक की समयसीमा दी थी. 

यह भी पढ़ें: शरद पवार के हाथ से कैसे निकली NCP? इन 3 पॉइंट्स से तय होता है पार्टी और सिंबल पर किसका कब्जा

चुनाव आयोग ने अजित गुट को माना था असली NCP

चुनाव आयोग ने मंगलवार को शरद पवार गुट को झटका देते हुए अजित गुट को ही असली एनसीपी बताया था. आयोग ने कहा था कि सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए अजित गुट ही असली एनसीपी है.

चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ ही अजित पवार गुट को एनसीपी का चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया. आयोग ने सभी दस्तावेजी सबूतों का विश्लेषण कर कहा था कि स्पष्ट है कि अजित गुट का पार्टी और पार्टी के अलावा संगठन पर वर्चस्व है. उनके गुट के लोग भी ज्यादा हैं. इस वजह से पार्टी का नाम और निशान दोनों अजित गुट को दिए जाते हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: पार्टी मिल गई, सिंबल मिल गया.. अब दफ्तर भी शरद पवार के हाथ नहीं छोड़ेगा अजित गुट

चुनाव आयोग ने फैसले में क्या कहा?

चुनाव आयोग ने शरद पवार बनाम अजित पवार गुट मामले में 147 पेजों का आदेश दिया है. इस आदेश में आयोग ने दोनों गुटों की तमाम बातों और सबूतों का विश्लेषण किया है. आयोग ने सभी दस्तावेजी सबूतों का विश्लेषण कर कहा है कि इससे स्पष्ट है कि अजित गुट का पार्टी और पार्टी के अलावा संगठन पर वर्चस्व है. उनके गुट के लोग ज्यादा भी हैं. इस वजह से पार्टी का नाम और निशान दोनों अजित गुट को दिए जाते हैं.

महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह सीटों के चुनाव के मद्देनजर शरद पवार गुट को चुनाव आचरण नियम 1961 के नियम 39AA का पालन करने के लिए विशेष रियायत दी. उन्हें बुधवार शाम चार बजे तक नई पार्टी गठन के लिए तीन नाम देने को कहा गया है.

कैसे हुई थी एनसीपी दो फाड़?

पिछले साल अजित पवार ने बगावत करते हुए एनसीपी दो फाड़ कर दी थी. उन्होंने महाराष्ट्र में शिंदे सरकार को समर्थन दे दिया था. अजित के साथ कई विधायक भी सरकार में शामिल हो गए थे. इसके बाद अजित ने पार्टी पर अधिकार का दावा किया था और अपने गुट को असली एनसीपी बताया था. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने भी अजिट गुट को असली एनसीपी करार दे दिया था. इस फैसले को शरद पवार गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. वहीं अब चुनाव आयोग ने भी अजित गुट को ही असली एनसीपी बताते हुए शरद पवार को बड़ा झटका दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement