मल्लिकार्जुन खड़गे को इलेक्शन कमीशन का नोटिस, PM मोदी को कहा था 'टेररिस्ट'

प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए एक बयान ने सियासी तापमान अचानक बढ़ा दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष के शब्दों पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी कर दिया है. बयान, सफाई और फिर आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक नहीं रह गया है.

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आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को गंभीरता से लिया, कड़े सवालों के साथ नोटिस जारी किया. (File Photo: ITG) आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को गंभीरता से लिया, कड़े सवालों के साथ नोटिस जारी किया. (File Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर सख्त रुख अपनाया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहे जाने का आरोप लगा. बीजेपी की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन खड़गे को कड़े सवालों के साथ नोटिस जारी किया है. उनको 24 घंटे के भीतर यानी 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक अपना जवाब दाखिल करना होगा.

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निर्वाचन आयोग ने इस टिप्पणी को गंभीर मानते हुए जवाब मांगा है कि आखिर यह बयान किस संदर्भ में दिया गया था. इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस प्रमुख ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कह दिया था. 

हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. खड़गे ने कहा, ''मैंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी नहीं कहा था. मेरा मतलब यह था कि वो लोगों और राजनीतिक दलों को डरा-धमका रहे हैं. इसके लिए एजेंसियाों का इस्तेमाल कर रहे हैं.'' 

उन्होंने आगे कहा, ''ED, CBI और आयकर विभाग जैसी संस्थाएं उनके नियंत्रण में हैं. वह परिसीमन को भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं. इसी संदर्भ में मैंने यह बात कही थी.'' यह विवाद उस समय बढ़ गया जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने AIADMK और BJP के गठबंधन पर सवाल उठा दिए.

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खड़गे ने सी.एन. अन्नादुरई, के. कामराज, पेरियार, एम. करुणानिधि और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि दोनों दल कैसे गठबंधन कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ''AIADMK वाले अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वो लोग मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? 

उन्होंने कहा, ''मोदी एक आतंकवादी है. उसकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखती. ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं; इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.'' खड़गे ने यह भी कहा कि कांग्रेस-डीएमके गठबंधन जनता के कल्याण के लिए काम करता रहेगा.

यह विवाद उस बयान के बाद सामने आया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण विधेयक को संसद और विधानसभाओं में रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. बीजेपी ने खड़गे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. 

बीजेपी ने कांग्रेस को शहरी नक्सल पार्टी करार दिया. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ''कांग्रेस एक अर्बन नक्सल पार्टी है. यही कारण है कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं. यह पहली बार नहीं है. बार-बार जहरीली बयानबाजी होती है.''

इस मामले को लेकर बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के नेतृत्व में बुधवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात की थी. इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और ओम पाठक शामिल थे.

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