गुजरात में प्रचंड जीत के बाद BJP अध्यक्ष सीआर पाटिल का बढ़ेगा कद, UP का नया प्रभारी बनाए जाने की चर्चा तेज!

गुजरात चुनाव में जीतने के बाद संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने जिस तरह से सीआर पाटिल की प्रशंसा की, उससे यह तय हो गया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. चर्चा ये भी है कि कैबिनेट में फेरबदल के दौरान उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा सीआर पाटिल के बीजेपी प्रभारी बनाने की है.

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सीआर पाटिल (फाइल फोटो) सीआर पाटिल (फाइल फोटो)

कुमार अभिषेक

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:55 PM IST

गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है. पीएम मोदी के साथ साथ गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल को भी इस रिकॉर्ड तोड़ जीत के लिए श्रेय दिया जा रहा है. माना जा रहा है कि अब पार्टी उन्हें गुजरात से बाहर बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना रही है. माना जा रहा है कि सीआर पाटिल को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर 2024 लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

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गुजरात चुनाव में जीतने के बाद संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने जिस तरह से सीआर पाटिल की प्रशंसा की, उससे यह तय हो गया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. चर्चा ये भी है कि कैबिनेट में फेरबदल के दौरान उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा सीआर पाटिल के बीजेपी प्रभारी बनाने की है. 

पाटिल को यूपी भेजे जाने के पीछे हो सकती है ये वजह

दरअसल उत्तर प्रदेश में सुनील बंसल के जाने के बाद संगठन में राष्ट्रीय स्तर के कद का कोई चेहरा नहीं है. प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ABVP के बैकग्राउंड से हैं और झारखंड से यूपी लाए गए हैं. वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार के मंत्रिमंडल में मंत्री भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. लेकिन इसमें से किसी का कद राष्ट्रीय फलक का नहीं है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार का पावर बैलेंस करने के साथ-साथ 2024 लोकसभा चुनाव में 75 प्लस का टारगेट पूरा करने के लिए एक बार फिर यह बड़ी जिम्मेदारी संगठन में माहिर सीआर पाटिल को सौंपी जा सकती है. 

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नवसारी से सांसद हैं सीआर पाटिल

ओबीसी बिरादरी से आने वाले सीआर पाटिल नवसारी से सांसद हैं और वे छह लाख 80 हजार से ज्यादा वोटों से जीत कर आए थे. यानी उन्होंने खुद भी अपने लिए वोटों का रिकॉर्ड बनाया था. दूसरी तरफ बीजेपी को गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने का श्रेय भी सीआर पाटिल को दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री भी उनके मुरीद हो गए हैं और उन्होंने उनकी खूब प्रशंसा भी की. ऐसे में उत्तर प्रदेश में सीआर पाटिल को अहम भूमिका दी जा सकती है.

सीआर पाटिल पाटीदार बिरादरी से आते हैं, जिसे उत्तर भारत में पटेल माना जाता है, और जो उत्तर भारत में ओबीसी में आते हैं ऐसे में जातीय समीकरण के हिसाब से भी सीआर पाटिल उत्तर प्रदेश में फिट बैठते हैं. उधर, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी कार्यकाल बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष बढ़ाया जा चुका है. सीआर पाटिल को अमित शाह और जेपी नड्डा का करीबी माना जाता है. ऐसे में उन्हें यूपी की जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है.

सीआर पाटिल की पहचान संगठन प्रमुख के तौर पर माइक्रो लेवल पर काम करने की रही है. उन्होंने गुजरात में भी अमित शाह के पन्ना प्रमुख के कॉन्सेप्ट को आगे बढ़ाया था. इसका असर गुजरात चुनाव में भी देखने को मिला था. सीआर पाटिल को कार्यकर्ताओं और जमीन से जुड़ा हुआ नेता माना जाता है. सांसद के तौर पर इनका अपना दफ्तर आईएसओ सर्टिफाइड है. सीआर पाटिल 'सम्मान और समाधान' का मूल मंत्र लेकर काम करते हैं. 

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