आनंद शर्मा पर बरसे अधीर रंजन चौधरी, बोले- कांग्रेस को मजबूत करने को काम करें, बयान न दें

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व वाले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ कांग्रेस के गठजोड़ के फैसले को जायज करार दिया है. आईएसएफ से गठबंधन के फैसले पर अपनी ही पार्टी के भीतर आलोचना का सामना करने के बाद अधीर रंजन ने सोमवार को मोर्चा संभाल लिया.

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आनंद शर्मा पर बरसे अधीर रंजन चौधरी (फाइल फोटो-PTI) आनंद शर्मा पर बरसे अधीर रंजन चौधरी (फाइल फोटो-PTI)

इंद्रजीत कुंडू / मौसमी सिंह

  • कोलकाता/नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 7:32 AM IST
  • बंगाल में आईएसएफ से गठजोड़ पर आनंद शर्मा नाराज
  • अधीर रंजन बोले- कांग्रेस को मजबूत करने को काम करें
  • बीजेपी को मजबूत करने को बयान न दें- अधीर रंजन

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व वाले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ कांग्रेस के गठजोड़ के फैसले को जायज करार दिया है. आईएसएफ से गठबंधन के फैसले पर अपनी ही पार्टी के भीतर आलोचना का सामना करने के बाद अधीर रंजन ने सोमवार को मोर्चा संभाल लिया. 

अधीर रंजन चौधरी ने अपनी पार्टी के सहयोगी आनंद शर्मा की तरफ से सवाल खड़े किए जाने के बारे में पूछे जाने पर इंडिया टुडे से कहा, "मैं जो कुछ कर रहा हूं, वह सब आलाकमान को बताकर किया जा रहा है."

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असल में, इंडियन सेक्युलर फ्रंट से गठबंधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने ट्वीट कर कहा, सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस चयनात्मक नहीं हो सकती है. हमें सांप्रदायिकता के हर रूप से लड़ना है. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति और समर्थन शर्मनाक है, उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. 

आनंद शर्मा ने आगे लिखा, 'आईएसएफ और ऐसे अन्य दलों से साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी की आत्मा है. इन मुद्दों को कांग्रेस कार्य समिति पर चर्चा होनी चाहिए थी.'

वहीं आनंद शर्मा के सवाल पर अधीर रंजन चौधरी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि हम लोग प्रदेश प्रभारी हैं. कोई भी फैसला खुद से नहीं लेते हैं जब तक कि आलाकमान से आदेश नहीं मिलता है. अधीर रंजन चौधरी ट्वीट किया, जो लोग पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं वह पांच राज्यों में प्रचार करें न कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए बयान दें. वरिष्ठ कांग्रेसियों का एक गुट सिर्फ अपने फायदे के लिए मौका तलाशना बंद करे और प्रधानमंत्री की तारीफ कर के वक्त जाया ना करे.

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अधीर रंजन ने ट्वीट में यह कहा कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट को लेफ्ट ने अपने हिस्से से सीट दी है और कांग्रेस को लेफ्ट और कांग्रेस के बीच समझौते में पूरी सीटें मिली हैं, जो लोग इंडियन सेकुलर फ्रंट को सांप्रदायिक कह रहे हैं वह बीजेपी के एजेंडे पर चल रहे हैं.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, माकपा के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा पश्चिम बंगाल में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है जिसमें कांग्रेस एक अभिन्न अंग है. हम बीजेपी की सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति और एक निरंकुश शासन को हराने के लिए दृढ़ हैं. कांग्रेस को सीटों का पूरा हिस्सा मिला है. वाम मोर्चा ने अपने हिस्से से इंडियन सेकुलर फ्रंट- ISF को सीटें दी हैं. 
 
चौधरी को मिला जितिन प्रसाद का साथ

इस मुद्दे पर अधीर रंजन चौधरी को बंगाल के पार्टी प्रभारी जितिन प्रसाद का समर्थन मिला, जिन्होंने आनंद शर्मा की आलोचना का जवाब दिया. जितिन प्रसाद ने कहा, “गठबंधन के फैसले पार्टी और कार्यकर्ताओं के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं. अब सभी का साथ मिलकर चलने का वक्त है, और चुनाव से जुड़े राज्यों में कांग्रेस की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करना है.”


 

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