सरकार ने हाल ही में अपने बजट में यह घोषणा की है कि वह भारत के चार राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में एक विशेष Rare Earth कॉरिडोर विकसित करेगी. यह कॉरिडोर देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इसके माध्यम से Rare Earth तत्वों का उत्पादन और सप्लाई बेहतर तरीके से किया जा सकेगा. Rare Earth धातुएं आधुनिक तकनीक और उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं. इस कॉरिडोर के बनने से भारत की आर्थिक प्रगति और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा. यह पहल भारत के खनिज संसाधनों के विकास के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना से संबंधित और जानकारी का भविष्य में खुलासा किया जाएगा.