Beat Report: कहां हैं पवन खेड़ा? दिल्ली में घर पर पसरा सन्नाटा और असम पुलिस की दबिश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के बाद कांग्रेस मीडिया चेयरमैन पवन खेड़ा फिलहाल लापता हैं. मंगलवार को दिल्ली में उनके घर पर असम पुलिस की छापेमारी के बाद से राजनीतिक हलचल तेज है. चुनाव से ठीक पहले इस घटनाक्रम ने असम की राजनीति में उबाल ला दिया है.

Advertisement
कहां हैं पवन खेड़ा. (photo: ITG) कहां हैं पवन खेड़ा. (photo: ITG)

राहुल गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

बुधवार सुबह 11 बजे मैं एक बार फिर दिल्ली के पॉश इलाके निजामुद्दीन ईस्ट के डी 12 के बाहर खड़ा हूं, जहां मंगलवार को जबरदस्त राजनीतिक तमाशा हुआ था. ये कांग्रेस मीडिया चेयरमैन पवन खेड़ा का घर है जो फिलहाल लापता हैं.

असम पुलिस कल उनसे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनके परिवार पर कई पासपोर्ट और एक ऑफशोर खाता रखने के आरोपों के संबंध में पूछताछ करने पहुंची थी. हालांकि, इससे ये सवाल उठता है कि खेड़ा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस इतनी बड़ी राजनीतिक बवाल में कैसे बदल गई और अब असम में गुरुवार होने वाले मतदान को कैसे प्रभावित कर सकती है?

Advertisement

खेड़ा के घर पर हाई वोल्टेज ड्रामा

बुधवार सुबह, मैं नियमित रूप से सूत्रों/मित्रों से जानकारी ले रहा था, तभी मुझे मेरे ब्यूरो चीफ मुनीश पांडे का फोन आया, जिन्होंने मुझसे पूछा कि क्या पुलिस खेड़ा के घर पहुंची है. मैंने तुरंत खेड़ा को उनके निजी नंबर पर फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. फिर मैंने उनके एक करीबी सहयोगी को फोन किया, जिन्होंने मुझे बताया कि असम पुलिस खेड़ा के घर के दरवाजे पर है. मैंने खबर प्रसारित की, इंडिया टुडे टीवी के लिए फोन पर लाइव रिपोर्टिंग की और तुरंत मौके पर पहुंचा. जब मैं निजामुद्दीन ईस्ट के गेट नंबर 3 पर पहुंचा तो मैंने देखा कि पूरा डी ब्लॉक पुलिस अधिकारियों से भरा हुआ था और खेड़ा के घर की ओर जाने वाली गली को पुलिस ने घेर रखा था. मीडिया रिपोर्ट के लिए खेड़ा के घर सैकड़ों बार जा चुका होने के कारण, मैं और मेरा कैमरा पर्सन किसी तरह खेड़ा के घर तक पहुंच गए. लगभग दो घंटे बाद, असम पुलिस अधिकारी बाहर आए और घोषणा की कि पवन खेड़ा का कोई पता नहीं चल रहा है और उनके घर से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है.

जब मैंने खेड़ा के बारे में पूछा तो उनके एक करीबी सहयोगी ने फोन पर कहा, 'मैं आपको उनका ठिकाना नहीं बता सकता, लेकिन खेड़ा दिल्ली में नहीं हैं.' हालांकि, उन्होंने दावा किया कि खेड़ा शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, ताकि अपने आरोपों को पुख्ता कर सकें जो उनके घर पर हुए पूरे घटनाक्रम के 24 घंटे बाद भी नहीं हो पाया है.

इस बीच, इस पुलिस कार्रवाई ने पूरी कांग्रेस को उनके साथ खड़ा कर दिया, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर आम कार्यकर्ताओं तक, जिन्होंने बाद में दिल्ली में असम भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

कांग्रेस सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि खेड़ा द्वारा दर्ज की गई दो पुलिस चौकियों ने महत्वपूर्ण अंतिम चरण में सरमा पर पार्टी के हमले को और तेज कर दिया है और ये उस राज्य में निर्णायक साबित हो सकता है, जहां पिछले विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों के बीच वोट शेयर का अंतर 2 प्रतिशत से भी कम था.

आज खेड़ा का घर पूरी तरह सुनसान है. दूसरे मंजिल पर सिर्फ घरेलू नौकर हैं. कल की तरह मीडिया का कोई जमावड़ा नहीं है.

कई खबरों के मुताबिक, खेड़ा अपनी पत्नी कोटा नीलिमा के साथ कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना के हैदराबाद में हैं. दरअसल, आज उनका मोबाइल नंबर (पवन खेड़ा) और उनके करीबी सहयोगी का नंबर भी बंद है, जो कल तक उपलब्ध थे और कम से कम मुझसे बात कर रहे थे. दूसरी ओर पार्टी हिमंता पर पुलिस कार्रवाई का सहारा लेकर कथित तौर पर डराने-धमकाने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला जारी रखे हुए है.

Advertisement

कौन हैं पवन खेड़ा

पवन खेड़ा 1998 से 2013 के बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के ओएसडी (OSD) और राजनीतिक सचिव रह चुके हैं. 2022 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का मीडिया चेयरमैन नियुक्त किया गया था. इससे पहले वो पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में कार्यरत थे.

दरअसल, ये विवाद तब शुरू हुआ जब तीन दिन पहले खेड़ा दावा करते हुए आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों- यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के तीन पासपोर्ट हैं.

खेड़ा ने सीएम पर लगाए कई गंभीर आरोप

खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये आरोप लगाया कि सरमा परिवार की अमेरिका के व्योमिंग राज्य में 53,000 करोड़ रुपये की एक एलएलसी (LLC) कंपनी है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हिमंत की पत्नी के पास दुबई में दो संपत्तियां हैं, जिनका सीएम ने चुनावी हलफनामे में जिक्र नहीं किया है.

उधर, कांग्रेस का कहना है कि पुलिस की ये कार्रवाई असली मुद्दों से ध्यान भटकाने और डराने की एक कोशिश है. कांग्रेस का मानना है कि खेड़ा पर हुई इस कार्रवाई से पार्टी को सहानुभूति मिल सकती है. पिछले विधानसभा चुनावों में दोनों दलों के बीच वोट शेयर का अंतर 2 प्रतिशत से भी कम था. ऐसे में चुनाव के आखिरी दौर में पुलिस की ये दबिश गेम चेंजर साबित हो सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement