सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. सेतुपति ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK नेता पेरियाकुरुप्पन को महज एक वोट से हराया था, जिसके बाद पेरियाकुरुप्पन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई होने तक सेतुपति को सदन में मतदान करने से रोक दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अब इस आदेश पर रोक लगाते हुए DMK नेता और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है. हालांकि,
ये कानूनी राहत तब मिली, जब तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी.
दरअसल, श्रीनिवास सेतुपति ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें सदन की कार्यवाही में वोट देने से वंचित कर दिया गया था. DMK नेता पेरियाकुरुप्पन की याचिका पर हाईकोर्ट ने ये फैसला सुनाया था.
सेतुपति का तर्क था कि जनता द्वारा चुने जाने के बाद उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर इस तरह रोक लगाना उचित नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का फैसला लिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पेरियाकुरुप्पन और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि दो हफ्ते के अंदर सभी पक्षों को अपना पक्ष रखना होगा. हालांकि, ये फैसला फ्लोर टेस्ट के बाद आया है, लेकिन इसने सेतुपति के विधायक के तौर पर अधिकारों को फिर से बहाल कर दिया है. अब देखना होगा कि अगली सुनवाई में कोर्ट इस एक वोट के अंतर वाली जीत पर क्या रुख अपनाता है.
संजय शर्मा