तमिलनाडु में सरकार गठन विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, विजय को मौका न देने पर राज्यपाल के फैसले को चुनौती

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. रिटायर्ड IPS अधिकारी रामसुब्रमणि ने याचिका दाखिल कर राज्यपाल के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें TVK प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। याचिका में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई है.

Advertisement
तमिलनाडु सराकर गठन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (Photo: ITG) तमिलनाडु सराकर गठन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:06 PM IST

एक रिटायर्ड IPS अधिकारी रामसुब्रमणि ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल ने 2026 विधानसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के प्रमुख चंद्रशेखर जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने से इनकार कर असंवैधानिक कदम उठाया है.

Advertisement

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक राम सुब्रमणि की याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल विधानसभा के बाहर बहुमत तय करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि बहुमत परीक्षण का एकमात्र संवैधानिक तरीका फ्लोर टेस्ट है.

याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल आर्लेकर TVK प्रमुख विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका देने से इनकार नहीं कर सकते. बहुमत का परीक्षण सदन के भीतर होना चाहिए, न कि राज्यपाल की व्यक्तिगत संतुष्टि या पसंद के आधार पर.

याचिकाकर्ता ने सरकारिया आयोग की सिफारिशों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के एस.आर. बोम्मई, रमेश्वर प्रसाद, जी. परमेश्वर और शिवसेना मामलों में दिए गए फैसलों का हवाला दिया है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि TVK नेता विजय को तय समय सीमा के भीतर तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने का अवसर देने का निर्देश जारी किया जाए.

Advertisement

यह भी पढ़ें: विजय के पास विधायक पूरे, अब राज्यपाल से नहीं मिला टाइम... तमिलनाडु में सियासी संकट बरकरार

इसके साथ ही याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल विधायकों की परेड कराने की मांग नहीं कर सकते और संवैधानिक परंपरा के तहत सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच, TVK के लिए 'समर्थन का सबूत' मांगने की राज्यपाल की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में यह दूसरी याचिका दायर हुई है.

याचिका में तमिलनाडु राजभवन की उस प्रेस विज्ञप्ति का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि विजय को राजभवन बुलाकर सूचित किया गया कि उनके पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन नहीं है.

याचिका में तर्क दिया गया है कि यह विधानसभा के बाहर बहुमत तय करने की असंवैधानिक प्रक्रिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement