तमिलनाडु में भगदड़ से तनाव, प्रशासन ने विजय को करूर अस्पताल जाने से रोका, लॉ एंड ऑर्डर का दिया हवाला

टीवीके नेता विजय अपनी रैली में मची भगदड़ में घायल लोगों से मिलने के लिए करूर गवर्नमेंट हॉस्पिटल जाने की योजना बना रहे थे. सरकारी अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें अस्पताल जाने से मना कर दिया. इस भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक घायल हुए हैं.

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सरकारी अधिकारियों ने टीवीके विजय को करूर सरकारी अस्पताल न जाने को कहा. (File Photo: PTI) सरकारी अधिकारियों ने टीवीके विजय को करूर सरकारी अस्पताल न जाने को कहा. (File Photo: PTI)

अनघा

  • चेन्नई,
  • 28 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:40 PM IST

तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से राजनेता बने विजय की तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) की रैली में हुई भगदड़ में 40 लोगों की मौत के बाद तनाव बरकरार है. सरकारी अधिकारियों ने विजय और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को करूर गवर्नमेंट हॉस्पिटल जाने से मना किया है ताकि किसी तरह के कानून-व्यवस्था की स्थिति ना उत्पन्न हो. 

इस दुखद घटना में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 16 महिलाएं और 6 बच्चे भी शामिल हैं, 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई को करूर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों ने विजय से कहा कि वह इस तनावपूर्ण स्थिति में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर जाने से बचें, क्योंकि उनके अस्पताल जाने से भीड़ पर नियंत्रण मुश्किल हो जाएगा. 

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सूत्रों की मानें तो टीवीके चीफ विजय ने अधिकारियों के सुझाव पर  गवर्नमेंट हॉस्पिटल जाने का अपना प्लान रद्द कर दिया. टीवीके के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, विजय गहरे सदमे में हैं, उन्होंने इस हादसे के बाद से कुछ नहीं खाया है. वह प्रशासन से अनुमति मिलने पर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे. टीवीके चीफ विजय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा, 'यह घटना कल्पना से परे है. मेरा हृदय और मन दर्द से भरा हुआ है.'

यह भी पढ़ें: ‘पथराव का आरोप बेबुनियाद...', पुलिस ने खारिज किए विजय की पार्टी के दावे, कहा- हमारी बात मानते तो भगदड़ न होती

पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये देंगे विजय

उन्होंने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की. पुलिस ने टीवीके के करूर जिला सचिव मुतीयाजगन के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें भगदड़ के लिए विजय की रैली के आयोजन में दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने और सुरक्षा उपायों की कमी का आरोप लगाया गया है. टीवीके ने 23 सितंबर को लाइटहाउस राउंडाबाउट पर रैली की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने वेलुसामीपुरम को मंजूर किया.

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तमिलनाडु पुलिस ने विजय की पार्टी टीवीके उन आरोपों को भी खारिज कर दिया, जिसमें रैली में आए लोगों पर पथराव होने का आरोप लगाया गया था. टीवीके ने करूर भगदड़ को आकस्मिक घटना न मानते हुए, इसके पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई थी. पुलिस ने कहा कि कोई पथराव नहीं हुआ था, बल्कि विजय रैली में 7 घंटे की देरी से पहुंचे थे, जिससे उन्हें देखने के लिए बेचैन हो गई. गर्मी, डिहाइड्रेशन और वाहन के लिए रास्ता बनाने के प्रयास में भगदड़ मच गई.

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करूर भगदड़ मामले की हाई कोर्ट में कल सुनवाई

टीवीके ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें भगदड़ को साजिश करार दिया गया है. विजय की पार्टी ने ऑफ मद्रास हाई कोर्ट के मदुरै बेंच में याचिका दायर करके इस मामले की सीबीआई या कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है. इस मामले में 29 सितंबर को हाई कोर्ट में सुनवाई है. उसके बाद विजय पीड़ित परिवारों से मिलने का फैसला लेंगे. वहीं करूर की रैली में मची भगदड़ में घायल एक व्यक्ति ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर करके टीवीके चीफ विजय की आगामी रैलियों पर रोक लगाने की मांग की है.

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