संसद में 44 मिनट के बवाल की एक-एक डिटेल! राहुल गांधी के हाथ में किताब के अंश, राजनाथ-शाह का पलटवार...

लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भाषण लगातार हंगामे में घिरा रहा. डोकलाम मुद्दे पर पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे की किताब और बाद में एक मैग्जीन आर्टिकल को कोट करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई. वहीं स्पीकर ओम बिरला ने केवल ऑथेंटिक दस्तावेजों का हवाला देने और नियमों के पालन की हिदायत दी.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल की ओर से कोट की गई किताब की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए. (Photo: Screengrab) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल की ओर से कोट की गई किताब की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए. जैसे ही उनका भाषण शुरू हुआ सदन में हंगामा होने लगा. राहुल करीब 44 मिनट तक बोलने का प्रयास करते रहे और हंगामा चलता रहा. आखिर में सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसके बाद आखिर में कार्यवाही 4 बजे शुरू हुई लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा, इसके बाद चेयर की ओर से सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुूबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

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सदन में आज क्या हुआ?

राहुल गांधी ने तेजस्वी सूर्या की ओर से भारतीय संस्कृति को लेकर कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया. अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने डोकलाम पर आर्मी चीफ नरवणे को कोट करते हुए बोलना शुरू किया. इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और राहुल की ओर से कोट की गई किताब की ऑथेंटिसिटी पर सवाल उठाए. रक्षा मंत्री ने कहा कि यह किताब प्रकाशित नहीं हुई है.

स्पीकर ने राहुल गांधी को सदन में सिर्फ ऑथेंटिक डॉक्यूमेंट कोट करने की सलाह दी. राहुल ने किताब के अंश दिखाते हुए कहा कि यह 100% ऑथेंटिक है. बहस चलती रही. हंगामा चलता रहा. स्पीकर लगातार नेता प्रतिपक्ष से दस्तावेज की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने को कहते रहे.  

बीच में केसी वेणुगोपाल खड़े हुए और राहुल गांधी का बचाव किया. राहुल गांधी ने कहा कि यह किताब सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है. इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विवाद राहुल गांधी ने ही समाप्त कर दिया है. वह खुद कह रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है.

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किताब को लेकर मचा हंगामा

राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं. यह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, उसका उल्लेख कहां से कर रहे हैं. इसके बाद निशिकांत दुबे ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. फिर स्पीकर ने कहा कि अखबार की कटिंग या किताब पर चर्चा की परंपरा नहीं रही है. इसका पालन करिए. 

राहुल गांधी ने कहा कि मैं यह विषय नहीं उठाने वाला था, लेकिन कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगे तो इसे उठाना पड़ेगा. स्पीकर ओम बिरला ने नियम भी बताया और राहुल गांधी से आगे बढ़ने के लिए कहा. राहुल गांधी ने फिर से मनोज नरवणे की पुस्तक का जिक्र किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता पुस्तक सदन के सामने प्रस्तुत कर दें, मैं और सदन वह पुस्तक देखना चाहते हैं. स्पीकर ने कहा कि सदन में बोलने का अधिकार है, लेकिन यह नियम प्रक्रियाओं और परंपराओं से चलता है.

राहुल ने कोट किया मैग्जीन का आर्टिकल

राहुल गांधी ने इसके बाद एक मैग्जीन का आर्टिकल कोट करने की बात कही. इस पर भी ट्रेजरी बेंच से हंगामा हुआ. रक्षा मंत्री ने इस पर आपत्ति की और कहा कि ऐसा करने की इजाजत इनको नहीं दी जानी चाहिए. अखिलेश यादव ने चीन के सवाल को सेंसिटिव बताते हुए कहा कि अगर कोई सुझाव देशहित में है, तो विपक्ष के नेता को पढ़ देना चाहिए. अखिलेश ने डॉक्टर लोहिया से लेकर मुलायम सिंह यादव तक का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें चीन से सावधान रहना है.

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इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम सुनने के लिए बैठे हैं. रूलिंग के बाद ये फिर से पढ़ रहे हैं, ऐसे सदन कैसे चलेगा. आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है. विपक्ष के नेता खुद बोलना नहीं चाहते. यहां किसी की मनमानी से सदन नहीं चलेगा. वेणुगोपाल ने रूल 349 पढ़कर सुनाया और दावा किया कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए हैं. इस पर अमित शाह ने कहा कि जो सदस्य ने कहा, वह सत्य नहीं है. तेजस्वी सूर्या ने 2004 से 2014 तक के राष्ट्रपति के अभिभाषण को कोट कर कहा है कि ये शब्द मुझे नहीं मिले हैं. ये उसे राष्ट्रपति के अभिभाषण से ही काउंटर कर सकते हैं. इस पर वेणुगोपाल ने बोलना शुरू किया. स्पीकर ने उन्हें हिदायत देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता बोलेंगे. सदन में एलओपी एडवोकेट नहीं खड़े करते.

'आप ही बता दीजिए मैं क्या बोलूं.'

राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग कहते हैं कि हम आतंकवाद से लड़ते हैं और एक तथ्य से डरते हैं. उसमें ऐसा क्या है, जिसे हम पढ़ नहीं सकते. इसमें वह पूरी बात है कि डोकलाम में क्या हु्आ था. मैं जो कह रहा हूं, उसकी जिम्मेदारी लेता हूं. इस दौरान सदन में हंगामा चलता रहा.

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राजनाथ सिंह ने कहा कि नरवणे को अगर लगता था कि रोक गलत लगाई गई है, तो वे कोर्ट जा सकते थे. वह कोर्ट क्यों नहीं गए. बार-बार टोके जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर सर, आप ही बता दीजिए मैं क्या बोलूं. स्पीकर ने कहा कि आपका सलाहकार नहीं हूं. फिर भी, आप सदन की मर्यादा रखें. 

हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित

राहुल गांधी ने कहा कि आपने किताब कोट करने से मना किया, हमने मैग्जिन कोट करने की बात कही. आपने उसपर भी मना किया, हमने कहा कि भारत-चीन संबंधों पर बोलूंगा. अब आप उससे भी मना कर रहे हैं. स्पीकर ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में चीन का कोई उल्लेख नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि आपका कहना है कि राष्ट्रपति के संबोधन का इंटरनेशनल रिलेशंस से कोई नाता नहीं है. हम चीन-पाकिस्तान पर नहीं बोल सकते. ये क्या बात है. राहुल गांधी ने कहा कि आप मुझे बोलने तो दीजिए. ये बात चीन-पाकिस्तान के बारे में नहीं है. ये बात आपके प्रधानमंत्री के बारे में है. इस पर स्पीकर ने टोका और कहा कि सदन में बोलना है तो नियम-प्रक्रिया से चलेगा. नहीं बोलना चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊंगा. 

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इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि इसमें सर प्रधानमंत्री का कैरेक्टर, राजनाथ सिंह... राहुल गांधी ने इतना ही कहा था कि स्पीकर ने अगले वक्ता के रूप में अखिलेश यादव का नाम ले लिया. स्पीकर ने कहा कि नियम से बोलना पड़ेगा. सदन में हंगामा बढ़ने लगा जिसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया.

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