'डोकलाम में चीनी टैंक...', राहुल गांधी संसद में क्या कहना चाहते थे जिसपर मच गया हंगामा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उस वक्त हंगामा मच गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डोकलाम में चीनी घुसपैठ का जिक्र किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावों पर सवाल उठाए, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर राहुल गांधी को रोका.

Advertisement
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा. (Photo: X/@SansadTV) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा. (Photo: X/@SansadTV)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:29 PM IST

लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा मच गया. कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी जैसे ही डोकलाम में कथित चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाने लगे, सदन का माहौल गर्म हो गया. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी खड़े हो गए और LoP के दावे का विरोध किया. संसद में राहुल गांधी के भाषण के बीच कमोबेश 45 मिनट तक हंगामा हुआ और इस बीच सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

Advertisement

राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए एक मैगजीन की एक किताब का हवाला दिया. उनका आरोप था कि इस किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है. राहुल गांधी ने दावा किया कि डोकलाम से जुड़े अहम तथ्यों को दबाने की कोशिश की जा रही है और सरकार सच्चाई सामने आने से रोक रही है. कारवां की किताब पर रोकने जाने के बाद राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब का जिक्र किया.

यह भी पढ़ें: Parliament Budget Session Live: 'नरवणे की किताब से डोकलाम पर कुछ लाइनें कहना चाहता हूं...', राहुल गांधी के ऐसा कहते ही संसद में जोरदार हंगामा

राहुल गांधी के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए और विपक्ष के नेता से उनके दावों का आधार पूछा. राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह के गंभीर आरोप बिना प्रमाण के नहीं लगाए जा सकते.  उन्होंने यह भी माना कि कारवां की किताब प्रकाशित नहीं की गई है. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी हस्तक्षेप किया.

Advertisement

अमित शाह ने सवाल उठाया कि जिस किताब को प्रकाशित ही नहीं किया गया है, उसका हवाला सदन में कैसे दिया जा सकता है. उन्होंने सदन में कहा कि कारवां की किताब में तोड़मरोड़कर तथ्यों को पेश किया गया है. गृह मंत्री ने बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्य के बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया. इससे पहले राहुल गांधी ने तेजस्वी सूर्या पर ही आरोप लगाया था कि उन्होंने विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल खड़े किए थे.

इस पूरे विवाद के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी स्पष्ट टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि संसद के नियमों के मुताबिक किसी भी अप्रकाशित किताब या अखबार का हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता. यहां तक कि अगर कोई किताब प्रकाशित भी हो जाए, तब भी उसे पढ़कर या उसका संदर्भ देकर सदन में बात रखना नियमों के खिलाफ है. स्पीकर ने कहा कि इस बारे में पहले ही सभी सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं.

यह भी पढ़ें: 'किसानों के लिए कुछ भी नहीं...', बजट पर राहुल गांधी और भगवंत मान का मोदी सरकार पर हमला

हालांकि, स्पीकर और मंत्रियों की आपत्तियों के बावजूद राहुल गांधी अपने बयान पर कायम रहे. उन्होंने मैगजीन की किताब को "100 फीसदी ऑथेंटिक" बताते हुए कहा कि अगर सरकार किसी किताब को प्रकाशित नहीं होने दे रही है, तो इसका सीधा मतलब है कि उसमें लिखी बातें सच हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी पारदर्शिता नहीं बरत रही है.

Advertisement

राहुल गांधी के भाषण के बचाव में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी खड़े हो गए. हालांकि, उन्हें बोलने से रोक दिया गया. इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने खड़े होकर राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement