राहुल गांधी गिग वर्कर्स से मिले, बोले- बीजेपी शासित राज्यों में हो रहा शोषण

राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के साथ जाति और वर्ग आधारित भेदभाव का मुद्दा उठाया है. उन्होंने महिला गिग वर्कर्स के दोहरे शोषण, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा की कमी पर चिंता जताई है. कांग्रेस नेता ने गिग इकॉनमी में श्रमिकों के लिए मजबूत कानून और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिया है.

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राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के साथ हो रहे अन्याय की बात की. (Photo: Screengrab/X) राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के साथ हो रहे अन्याय की बात की. (Photo: Screengrab/X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST

राहुल गांधी संसद सत्र के दौरान संसद भवन परिसर स्थित अपने कार्यालय में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से मिलते हैं. इस मुलाकात को उन्होंने "जन संसद" का नाम दिया है. हाल ही में इस मुलाकात का एक वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्य गिग वर्करों के साथ हो रहे अन्याय को नजरअंदाज कर रहे हैं.

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फेसबुक पर शेयर किए गए एक वीडियो के जरिए राहुल गांधी ने कहा कि इस बातचीत से ये साफ हो गया है कि गिग क्षेत्र में वर्ग और जाति आधारित भेदभाव गहराई तक समाया हुआ है. उन्होंने कहा कि श्रमिकों को गिग इकॉनमी का लाभ मिलने के लिए सरकार को मजबूत और जिम्मेदार कार्रवाई करने की जरूरत है.

राहुल गांधी ने दावा किया कि महिला गिग वर्कर्स दोहरे शोषण की शिकार हैं. उनमें आर्थिक असुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और सुरक्षा की भी कमी है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि 'उन्हें समर्थन देने के बजाय, उनसे उनके श्रम की गरिमा छीनी जा रही है.'

गिग वर्कर्स के वर्क लाइफ बैलेंस पर जताई चिंता

राहुल गांधी ने कहा, 'आज गिग वर्कर्स के पास न तो स्थिर आय है, न सामाजिक सुरक्षा और न ही चिकित्सा देखभाल और बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं. वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ गया है और बुनियादी मानवीय गरिमा का नाश हो रहा है. इस व्यवस्था में वर्ग और जाति आधारित भेदभाव गहराई तक समाया हुआ है. गिग क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक दलित और आदिवासी समुदायों से आते हैं, जिससे उनका शोषण और बढ़ जाता है.'

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कांग्रेस शासित राज्यों के लिए मॉडल

कांग्रस नेता ने आगे कहा, 'गिग कंपनियों के लिए कोई मजबूत कानून नहीं है, कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है और न ही कोई जवाबदेही है. हम अपने राज्यों में एक कानूनी ढांचा विकसित कर रहे हैं जिसे देश भर में लागू किया जा सकता है. गिग वर्कर्स के लिए लड़ाई सिर्फ रोजगार के बारे में नहीं है. ये सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के बारे में है.'

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