आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को संसद में डेली इंटरनेट डेटा का मुद्दा उठाया. उन्होंने इसे सर्विस प्रदाताओं की चालाकी बताया और यह डिमांड भी की है कि डेली डेटा एक्सपायर न हो. महीने के अंत में जो डेटा बच जाए, उसके बाजार मूल्य के आधार पर उपभोक्ता को अगले रिचार्ज में छूट मिलनी चाहिए.
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि जब यूजर अपना मोबाइल रिचार्ज कराता है, उसे हर रोज की एक डेटा लिमिट मिलती है. यह हेटा इस्तेमाल किए बगैर रह गया, तो रात 12 बजे तक एक्सपायर हो जाता है. राघव चड्ढा ने कहा कि यह डेटा एक्सपायर न हो. चालाकी देखिए, डेटा लिमिट रोज की होती है, महीने की नहीं.
उन्होंने कहा कि महीने में ज्यादा डेटा कन्ज्यूम होता है या ज्यादा डेटा कन्ज्यूम होने की संभावनाएं अधिक होती हैं. राघव चड्ढा ने कहा कि अगर कोई बीमार है, तो दो-चार दिन इंटरनेट नहीं यूज करेगा या कम यूज करेगा. बाद में वह ज्यादा डेटा यूज कर सकता है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट आज मनोरंजन का साधन नहीं, लाइफलाइन बन चुका है. उन्होंने कहा कि इसलिए सर्विस प्रोवाइडर डेली की डेटा लिमिट वाले प्लान्स पुश करते हैं.
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राघव चड्ढा ने कहा कि महीने के अंत में काफी डेटा बच जाता है, तो यूजर को अगले महीने के रिचार्ज में छूट मिले. उन्होंने कहा कि जितनी डेटा यूज करते हैं, उतना ही पैसा वसूला जाए. जिस तरह से हम पैसा ट्रांसफर करते हैं, उसी तरह डेटा ट्रांसफर की छूट मिले. राघव चड्ढा ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह छूट मिलनी चाहिए कि जिस तरह से हम कैश ट्रांसफर करते हैं, उसी तरह से डेटा भी अपने दोस्तों-रिश्तेदारों-परिजनों को ट्रांसफर कर सकें.
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उन्होंने यह भी मांग की है कि अनयूज डेटा के लिए पैसा चार्ज नहीं किया जाना चाहिए. राघव चड्ढा ने इससे पहले डिलीवरी बॉय और 28 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज का भी मुद्दा उठाया था. उन्होंने महीने की बजाय 28 दिन के रिचार्ज को लूट बताया था.
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