भारत की तैयारी, विपक्ष संग एकजुटता, जमाखोरों को वॉर्निंग... ईरान जंग पर PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए कई तरह की समस्याओं और भारत उनसे कैसे निपट रहा है, इस पर लोकसभा में संबोधन दिया. उन्होंने बताया कि भारत के लिए उनके नागरिकों की रक्षा प्राथमिकता है. उन्होंने साफ किया इस पूरे युद्ध का समाधान बस बातचीत के जरिए हो सकता है.

Advertisement
लोकसभा से प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर बताया क्या है भारत की स्थिति (Photo: PTI) लोकसभा से प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर बताया क्या है भारत की स्थिति (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

मिडिल ईस्ट या पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार इस युद्ध के बीच क्या कदम उठा रही है, ताकि भारतवासियों को कोई दिक्कत न हो. साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में होर्मुज के रास्ते आपूर्ति आना चुनौतीपूर्ण है. आइए, प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 बड़ी बातें जानते हैं.

Advertisement

1. यह जंग भारत के लिए सिर्फ खबर नहीं, सीधी चिंता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बताया कि यह जंग भारत के लिए क्यों इतनी अहम है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी इलाके से मंगाता है. होर्मुज और खाड़ी का रास्ता हमारे लिए सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं. यह हमारी ऊर्जा की जीवनरेखा है.

जंग में शामिल देशों और प्रभावित देशों से भारत के गहरे व्यापारिक रिश्ते हैं. यह इलाका दुनिया के बाकी देशों से हमारे व्यापार का भी अहम रास्ता है.

सबसे बड़ी बात - खाड़ी के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. ये हमारे अपने लोग हैं. उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है. इसके अलावा खाड़ी में चलने वाले व्यापारी जहाजों में भारतीय नाविकों की भी बड़ी संख्या है.

Advertisement

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन सब वजहों से भारत की चिंता बाकी देशों से ज्यादा है. इसीलिए जरूरी है कि संसद से एक एकजुट और स्पष्ट आवाज दुनिया तक पहुंचे.

2. हर भारतीय की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों की मदद के लिए सरकार क्या-क्या कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास लगातार काम कर रहे हैं. चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या घूमने गए पर्यटक सबकी मदद की जा रही है.

यह भी पढ़ें: 'जहाजों पर हमला अस्वीकार्य, भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता', लोकसभा में बोले PM मोदी

भारत और प्रभावित देशों में चौबीसों घंटे इमरजेंसी हेल्पलाइन और आउटरीच रूम बनाए गए हैं. इनके जरिए हर जरूरतमंद को ताजा जानकारी दी जा रही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा, "संकट के वक्त देश के अंदर और बाहर हर भारतीय की सुरक्षा सबसे जरूरी है."

3. 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित वापस आए, घरेलू गैस सप्लाई को दी प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जंग शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं. सिर्फ ईरान से ही करीब 1000 भारतीय वापस आए हैं जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र हैं.

Advertisement

4. CBSE का बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि खाड़ी देशों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े इसके लिए CBSE ने खाड़ी देशों के स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. बच्चों की पढ़ाई बिना रुकावट जारी रहे इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

5. होर्मुज और तेल-गैस का संकट

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल, गैस, खाद और जरूरी सामान होर्मुज के रास्ते आता है. जंग के बाद से इस रास्ते से जहाजों का गुजरना बहुत मुश्किल हो गया है. लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर न पड़े.

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का 60 फीसदी LPG यानी रसोई गैस बाहर से मंगाता है. सप्लाई में अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को पहली प्राथमिकता दी है. साथ ही देश के अंदर ही LPG उत्पादन बढ़ाने की कोशिश भी जारी है.

6. कोविड की तरह इस बार भी एकजुट होकर लड़ना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस जंग ने दुनिया में जो मुश्किल हालात बनाए हैं. उनका असर लंबे समय तक रहेगा. इसलिए हमें तैयार रहना होगा और एकजुट रहना होगा." 

Advertisement

प्रधानमंत्री ने कोविड का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह हमने कोरोना की चुनौती को मिलकर पार किया उसी तरह अब भी हमें एक होकर इस संकट का सामना करना है.

7. भारत ने पहले से की है तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में बताया कि पश्चिम एशिया की जंग और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत पिछले 11 सालों से खुद को तैयार कर रहा है. प्रधानमंत्री ने बताया कि 11 साल पहले देश की सौर ऊर्जा क्षमता सिर्फ 3 गीगावाट थी. आज यह बढ़कर 140 गीगावाट हो गई है. यह 46 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी है.

पिछले एक साल में ही देशभर में 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं. PM सूर्यघर फ्री बिजली योजना ने इसमें बड़ी मदद की है.

गोवर्धन योजना के तहत देश में 200 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट चालू हो चुके हैं. हाल ही में स्माल हाइड्रोपावर डेवलपमेंट स्कीम को भी मंजूरी मिली है. जिससे अगले पांच सालों में 1500 मेगावाट नई जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी.

8. परमाणु ऊर्जा की तरफ भी कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि शांति एक्ट के जरिए देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है. ताकि भविष्य में ऊर्जा के लिए बाहर पर निर्भरता कम हो.

Advertisement

9. बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंग शुरू होने से लेकर अब तक भारत ने हर मंच पर अपनी चिंता जताई है. उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के सभी अहम नेताओं से बात की और तनाव कम करने की अपील की. भारत ने साफ शब्दों में कहा है. कि आम नागरिकों पर हमले बंद हों. ऊर्जा और परिवहन ढांचे पर हमले बंद हों. व्यापारी जहाजों पर हमले बिल्कुल मंजूर नहीं.

होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को बंद करना अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि भारत की सारी कोशिश यही है कि सभी पक्ष जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान की तरफ बढ़ें.

यह भी पढ़ें: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट स्वीकार नहीं', लोकसभा से पीएम मोदी का दुनिया को बड़ा मैसेज

10. देश की सुरक्षा - हाई अलर्ट मोड में

प्रधानमंत्री मोदी ने चेताया कि ऐसे संकट में कुछ लोग मौके का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. इसीलिए सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है. सुरक्षा हर मोर्चे पर मजबूत की जा रही है. तटीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement