प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर विश्व के कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों, सरकार प्रमुखों और वैश्विक संस्थानों के प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस मौके पर डिनर का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री ने मेहमान नेताओं से मुलाकात की और भारत की एआई क्षमताओं व वैश्विक सहयोग पर चर्चा की.
सम्मेलन में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचन्द्र रामगुलाम, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूचिच और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिलाय शामिल रहे.
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीएवा की मौजूदगी ने सम्मेलन की वैश्विक अहमियत को और मजबूत किया. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे का पारंपरिक ढोल, नादस्वरम और तानपुरा की मधुर धुनों के बीच स्वागत किया गया.
यह समिट 16 से 21 फरवरी तक चलेगा, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों व सरकार प्रमुखों सहित 500 से ज्यादा वैश्विक एआई लीडर्स, 150 शिक्षाविद और शोधकर्ता तथा 400 से अधिक सीटीओ और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. सम्मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदारी से उपयोग, इनोवेशन और ग्लोबल डेवलपमेंट में इसकी भूमिका पर साझा रणनीति तैयार करना है.
इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, कजाकिस्तान और भूटान के नेताओं के साथ सात द्विपक्षीय बैठकें कीं, जबकि गूगल के सीईओ और सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक के साथ भी उनका महत्वपूर्ण संवाद हुआ.
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